जस्टिस विनीत सरण और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण, हज व वक्फ, कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग व अल्पसंख्यक विकास निगम के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में सिर्फ मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को ही राज्य अल्पसंख्यक विकास निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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जस्टिस विनीत सरण और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण, हज व वक्फ, कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग व अल्पसंख्यक विकास निगम के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है।
यह याचिका कर्नाटक के ईसाई समुदाय के अनिल एंटोनी ने दायर की है। इसमें 18 जनवरी 2021 के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई है। हाईकोर्ट ने कर्नाटक राज्य अल्पसंख्य विकास निगम के चेयरमैन पद पर सिर्फ मुस्लिम की ही नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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एंटोनी की ओर से पेश वकील जीएस मणि ने पीठ के समक्ष कहा कि याचिकाकर्ता निगम के अध्यक्ष पद पर अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को भी समान प्रतिनिधित्व चाहता है। याचिका में कहा गया है कि निगम के अध्यक्ष पद पर आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति् मनमानी है। 1986 में इस निगम की स्थापना के बाद से अन्य अल्पसंख्य समुदायों जैसे ईसाई, सिख, जैन, पारसी व बौद्ध के लोगों को समान प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। हाईकोर्ट भी अन्य समुदायों के साथ इस भेदभाव को दूर करने में विफल रही है।