लॉकडाउन के कारण अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों के लिए केंद्र की तरफ से अब तक 45 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं। हालांकि, इस बीच सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल को छोड़कर लगभग सभी राज्य सरकारों ने 15% किराए का भुगतान किया है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवासी श्रमिकों के लिए किराया देने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक राजस्थान, तेलंगाना और गुजरात जैसे राज्यों से, जहां से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाया गया है - प्रवासी श्रमिकों की ओर से भुगतान कर रहे हैं, जबकि झारखंड, जहां केवल प्रवासियों से भरी ट्रेनें आ रही हैं, ने भी श्रमिकों की यात्रा के लिए भुगतान किया है।
सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि गुजरात सरकार किराए के लिए एक एनजीओ की सहायता ले रही है।
सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक जैसे राज्य, जहां से कुछ ट्रेनों को भेजा गया है, मजदूरों से यात्रा के लिए किराया ले रहे हैं।