कर्नाटक हाईकोर्ट ने रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में बड़ा आदेश सुनाया है। बता दें कि हाईकोर्ट ने मीडिया संस्थानों को इस मामले में आरोपपत्र के विवरण प्रकाशित करने पर रोक दिया है। बता दें कि रेणुका स्वामी की मृत्यु कई गहरी चोटों की वजह से सदमे और अत्याधिक खून बहने के कारण हुई थी।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एकपक्षीय अंतरिम आदेश जारी कर कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीप के खिलाफ आरोपपत्र से किसी भी जानकारी को प्रसारित करने, छापने या प्रकाशित करने पर मीडिया संस्थानों पर रोक लगा दी है। अभिनेता दर्शन थुगुदीपा रेणुकास्वामी हत्याकांड में 16 अन्य लोगों के साथ आरोपी हैं। जानकारी के मुताबिक ये प्रतिबंध अगली सुनवाई तक लागू रहेगा।
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अभिनेता की याचिका पर आदेश पारित
मामले में एकल न्यायाधीश पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर ने अभिनेता की याचिका पर यह आदेश पारित किया। अभिनेता ने अदालत से अनुरोध किया था कि आरोपपत्र में निहित गोपनीय विवरण और जांच के दौरान एकत्र की गई अन्य सामग्रियों को प्रसारित करने से मीडिया संगठनों को रोका जाए। फिलहाल ये मामला मजिस्ट्रेट अदालत में लंबित है।
निचली अदालत के आदेश का हुआ उल्लंघन
वहीं मामले में उच्च न्यायालय ने कहा कि दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी की तरफ से दायर मुकदमे में 27 अगस्त को निचली अदालत की ओर से जारी निषेधाज्ञा के बावजूद मीडिया संस्थान गोपनीय जानकारी साझा करना जारी रखे हुए हैं। याचिकाकर्ता की दलीलों में सच्चाई पाते हुए, अदालत ने प्रतिवादी 3 से 40 के रूप में पहचाने जाने वाले मीडिया संस्थान को अगली सुनवाई तक आरोप पत्र से कोई भी विवरण प्रकाशित करने से परहेज करने का आदेश दिया।
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उच्च न्यायालय ने एक पुराने फैसले का भी दिया हवाला
अपने फैसले में, हाईकोर्ट ने सिद्धार्थ वशिष्ठ @ मनु शर्मा बनाम राज्य (एनसीटी दिल्ली) में 2010 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन अधिनियम, 1995 के खंड 5 का हवाला दिया। इसने कर्नाटक उच्च न्यायालय की समन्वय पीठ के एक पुराने फैसले का भी हवाला दिया। अदालत ने भारत संघ को इस फैसले के बारे में मीडिया घरानों को सूचित करने का निर्देश दिया। बता दें कि अभिनेता दर्शन को 11 जून, 2024 को रेणुकास्वामी हत्या मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वह 22 जून से न्यायिक हिरासत में है। वर्तमान में वह बल्लारी जेल में बंद है।