परमेश्वर ने कहा कि 'एसओपी बनाने का उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकना है। सरकार और गृह विभाग जल्द ही एसओपी बनाने का काम पूरा कर लेंगे। अब से किसी भी बड़े आयोजन, बैठक या उत्सव से पहले दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे और ये सभी कार्यक्रम तय नियमों के तहत ही होंगे।'
कर्नाटक सरकार ने बुधवार को हुए हादसे के बाद सबक लेते हुए एलान किया है कि आगे से राज्य में किसी भी बड़े आयोजन के प्रबंधन के लिए नियम बनाए जाएंगे और इसके लिए पूरा एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर-मानक ढांचा) बनाया जाएगा। इस एसओपी में उन नियम-शर्तों का उल्लेख होगा, जो बड़े आयोजन के लिए अनिवार्य होंगे। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए इसकी जानकारी दी।
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'दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई'
राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय सामने आया, जब बुधवार को बंगलूरू के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर भगदड़ हो गई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। आईपीएल में आरसीबी की जीत के जश्न में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी, जिसमें हादसा हो गया। जी परमेश्वर ने कहा कि स्टेडियम के बाहर हुई भगदड की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भगदड़ में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकतर को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और दस लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
Iबड़े आयोजनों के लिए जारी किए जाएंगे दिशा-निर्देश
परमेश्वर ने कहा कि 'एसओपी बनाने का उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकना है। सरकार और गृह विभाग जल्द ही एसओपी बनाने का काम पूरा कर लेंगे। अब से किसी भी बड़े आयोजन, बैठक या उत्सव से पहले दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे और ये सभी कार्यक्रम तय नियमों के तहत ही होंगे।' परमेश्वर ने कहा कि 'नए एसओपी से यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में भगदड़ जैसी घटनाएं न हों। भगदड़ की घटना पर दुख जताते हुए परमेश्वर ने कहा कि निर्दोष लोग नहीं मरने चाहिए। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। मरने वालों में अधिकतर युवा थे। वे जश्न मनाने आए थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी जान चली जाएगी। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।' परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे लेकर कल एक बैठक की, जिसमें भगदड़ की घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए। यह जांच बंगलूरू शहरी उप-आयुक्त करेंगे।