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कर्नाटक: विधानसभा अध्यक्ष का दांव, 8 विधायकों पर फंसा पेच, कांग्रेस नेताओं की अहम बैठक

Tue, 09 Jul 2019 10:02 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

  • विधानसभा अध्यक्ष की दो टूक- मेरे पास आकर इस्तीफा दें विधायक।
  • कांग्रेस के एक और विधायक का इस्तीफा, सिद्धारमैया का पीएम-शाह पर सीधा आरोप।
  • कांग्रेस विधायकों की बैठक, कई विधायक अनुपस्थित, बागी विधायक विशेष विमान से गोवा लाए जाएंगे।
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कांग्रेस विधायक दल की बैठक - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक सरकार के संकट में हर पल नई कड़ी जुड़ती जा रही है। पहले कहा जा रहा था कि जिन विधायकों ने अपने इस्तीफे दिए हैं, उनपर कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार आज फैसला ले सकते हैं। लेकिन फिर अध्यक्ष ने कहा है कि जिस भी विधायक को इस्तीफा देना होगा, उन्हें मेरे पास आना ही होगा। अगर पोस्टल सर्विस से ही इस्तीफे मंजूर होंगे, तो यहां पर मेरा क्या काम है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई समय की पाबंदी नहीं है। मैं नियमों के अनुसार ही फैसला लूंगा।

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रमेश कुमार ने कहा कि 13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे कानूनन तौर पर सही नहीं है। किसी भी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की। मैंने राज्यपाल को भरोसा दिलाया है कि मैं संविधान के तहत काम करूंगा। बाकी पांच विधायकों के इस्तीफे ठीक हैं। मैंने उनमें से तीन विधायकों को 12 जुलाई और दो को 15 जुलाई को मिलने का वक्त दिया है। 

उधर, आज बंगलूरू में विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। बताया जा रहा है कि 21 कांग्रेस विधायक इस बैठक से गायब रहे। हालांकि कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने 10 विधायक बता रहे हैं। वही अब रोशन बेग ने भी अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि कांग्रेस उन्हें पहले ही पार्टी से निलंबित कर चुकी है।

जानिए अपडेट--

गुलाम नबी आजाद ने कहा- एक के बाद एक कई राज्यों में सरकारें गिराई जा रही हैं, केंद्र सरकार इसके लिए राज्यपालों का इस्तेमाल कर रही है। अरुणाचल प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक, राज्यपाल इसमें मददगार रहे हैं। हम देशवासियों से लोकतंत्र को बचाने की अपील करते हैं। 

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कांग्रेस नेता जमीर अहमद ने कहा कि भाजपा ने हमारे विधायकों का अपहरण किया है और उन्हें बंदूक की नोंक पर रखा है। उनके फोन जब्त कर लिए गए हैं। उन्हें अपने परिवार से भी बात नहीं करने दिया जा रहा है। अगर उन्हें छोड़ दिया जाए तो वो वापस लौट आएंगे। 
 


कांग्रेस नेताओं की बंगलुरू में बैठक। बैठक में केसी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद, सिद्धारमैया, दिनेश गुंडूराव, मल्लिकार्जुन खरगे, इश्वर खांद्रे और जमीर अहमद शामिल हुए। 
 


कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार की मुश्किलें और बढ़ने के बीच कांग्रेस ने मतभेद सुलझाने के लिए मंगलवार को अपने वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और बी. के. हरिप्रसाद को आनन-फानन में बेंगलुरु रवाना किया है। सूत्रों ने बताया कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेताओं से कहा कि वे कर्नाटक संकट को सुलझाएं और राज्य में अपनी सरकार बचाएं। गौरतलब है कि आजाद और अशोक गहलोत ने ही मिलकर पिछले वर्ष कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनवाई थी।

-कर्नाटक के सत्ताधारी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के बागी विधायकों का एक दल पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा से मुंबई लौट आया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। पहले वे एक भाजपा नेता के साथ गोवा जा रहे थे लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही वापस महाराष्ट्र की राजधानी लौट आए। बागी विधायक कानूनी राय का इंतजार कर रहे हैं कि कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के उनके इस्तीफों पर फैसला लेने के बाद आगे क्या कदम उठाना है। 

बंगलूरू- भाजपा सांसद कर्नाटक विधानसभा में स्पीकर केआर रमेश कुमार से मिलने पहुंचे थे, लेकिन वह नहीं मिले। उधर, बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सीएम कुमारस्वामी को इस्तीफा दे देना चाहिए। हमारे विधायक कल विधानसभा में प्रदर्शन करेंगे। 
 


सूत्रों के मुताबिक सीएम कुमारस्वामी ने जेडीएस विधायकों को बंगलूरू के गोल्फशायर क्लब में अगले 4 दिन के लिए ठहरने को कहा है। 
 

 

पैसा, पद, मंत्रीपद का ऑफर दे रहे हैं: सिद्धारमैया

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कर्नाटक में जारी संकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने भाजपा पर सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।सिद्धारमैया ने कहा है, "सरकारों को अस्थिर करने की भाजपा की आदत हो गई है। ये अलोकतांत्रिक है, लोगों ने भाजपा को सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया है। लोगों ने हमें अधिक वोट दिए हैं। कांग्रेस और जेडीएस दोनों को एकसाथ 57 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं।" 

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अपनी विफलता के लिए दूसरे पर आरोप लगाना उनकी आदत है। उनके विधायकों ने गवर्नर को इस्तीफा सौंपा है। फिलहाल हालात पर हमारी नजर है, उसी हिसाब के आगे कुछ किया जाएगा।

दूसरी ओर भाजपा की शोभा करंदलाजे का कहना है, "अब हमारी संख्या कांग्रेस-जेडीएस विधायकों से अधिक है। हम करीब 107 हैं, उनकी संख्या 103 है। मुझे लगता है कि राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए भाजपा को बुलाने का फैसला करना चाहिए।"

तो गोवा पहुंच सकते हैं विधायक?

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सोमवार को मुंबई से गोवा के लिए रवाना हुए बागी विधायकों को पुणे लाया गया है। और अब माना जा रहा है कि उन्हें मंगलवार को विशेष विमान से गोवा लाया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार इन विधायकों को पहले सड़क के रास्ते से मुंबई भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहित भारतीय के साथ गोवा ले जाया जा रहा था, लेकिन बाद में पुणे लाया गया। अब माना जा रहा है कि ये यहां से गोवा के लिए निकलेंगे। संभावना है कि विधायकों को गोवा में एक रिजॉर्ट में ठहराया जाएगा।

मुंबई या गोवा में हैं बागी विधायक, सस्पेंस

हालांकि समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बागी विधायकों को पहले पुणे और बाद में गोवा भेजने की योजना बनी थी लेकिन वह फिलहाल में मुंबई में ही कहीं ठहरे हुए हैं।

आज फैसला लेंगे स्पीकर  

बागी विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर केआर राकेश कुमार मंगलवार को फैसला लेंगे। शनिवार को कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सरकार मुश्किलों में घिर गई थी। नागेश और आर शंकर के इस्तीफे के बाद सरकार के पास 116 विधायकों (कांग्रेस-78, जदएस-37, बसपा-1) का समर्थन है। अगर 13 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो गठबंधन के बाद 103 विधायक होंगे और सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 113 है।  

भाजपा का हिस्सा बनना चाहते हैं

इन विधायकों का कहना है कि ये अपने इस्तीफे पर दृढ़ हैं और भाजपा की अगुवाई वाली सरकार का हिस्सा बनना चाहते हैं। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने मौजूदा संकट को दूर करने के लिए पार्टी के वरिष्ट नेता डीके शिवकुमार को इन विधायकों को मनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब बागी विधायक मुंबई में थे तब भाजपा नेताओं ने उनपर नजर बनाए हुई थी। भाजपा नेताओं ने इस बात का दावा भी किया था कि इस समूह में और भी बागी विधायक शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मुंबई के इस होटल के बाहर सोमवार को प्रदर्शन करते हुए बागी विधायकों से इस्तीफा वापस लेने की मांग की थी।

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी - फोटो : PTI

अब तक 15 विधायकों ने दिया इस्तीफा

कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इन दोनों विधायकों को मिलाकर कुल 15 विधायक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से अपना समर्थन वापस ले चुके हैं। 

अल्पमत में है सरकार, इस्तीफा दे

बंगलूरू में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिससे पहले येदियुरप्पा ने कहा कि कुमारस्वामी की सरकार अल्पमत में है और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। येदियुरप्पा ने कहा कि इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को पूरे राज्य में प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार बनाने का फैसला भी केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। बता दें भाजपा की विधायक दल की बैठक राज्य के राजनतिक हालातों को देखते हुए बुलाई गई थी।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया। सोमवार को शून्य काल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और कर्नाटक में दलबदल कराने का काम चल रहा है। कर्नाटक कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देकर दलबदल का काम हो रहा है। इन विधायकों को पांच सितारा होटल में ठहराया जाता है। चौधरी ने कहा कि, "लोकसभा में 303 सांसद जीतने के बाद आपका पेट नहीं भरा? आपका पेट कश्मीरी गेट के बराबर हो गया है।"

हालांकि कांग्रेस के इन आरोपों पर रक्षा मंत्री और सदन के उपनेता राजनाथ सिंह ने कहा कि जो कुछ भी कर्नाटक में हो रहा है कि उसका हमारी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि त्यागपत्र देने का सिलसिला भाजपा ने नहीं बल्कि राहुल गांधी ने शुरू किया था। उन्हीं के कहने पर कई नेताओं ने त्यागपत्र दिए थे।
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