वहीं, राज्य के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने आज कहा कि सरकार ने उडुपी के एक कॉलेज में शौचालय में वीडियो बनाने की घटना को हल्के में नहीं लिया है। तटीय जिले में भाजपा के आंदोलन तेज करने के बीच परमेश्वर ने कहा कि विपक्षी पार्टी उनके बयानों की अलग तरीके से व्याख्या कर रही है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा, 'हमारी जिम्मेदारी है। हम, जिन्हें सरकार चलाने का काम सौंपा गया है, इसे हल्के में नहीं लेंगे। हमारी जिम्मेदारी है लेकिन ये लोग (भाजपा) इसकी अलग-अलग तरीके से व्याख्या कर रहे हैं, जो उचित नहीं लगता।'
उडुपी के एक पैरामेडिकल कॉलेज में 10 दिन पहले वॉशरूम में अपनी सहपाठी का वीडियो बनाने के लिए तीन लड़कियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शुक्रवार को तीनों छात्रों को एक अदालत ने सशर्त जमानत दे दी थी। भाजपा ने आज उडुपी में उन तीन लड़कियों के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और धरना प्रदर्शन किया, जिन्होंने अपने मोबाइल फोन पर वॉशरूम में एक साथी सहपाठी का वीडियो बनाया था। पार्टी ने विस्तृत जांच के लिए मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की भी मांग की।
भाजपा के ब्यंदूर विधायक गुरुराज गंटीहोल ने कहा कि पार्टी की साथी सदस्य और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य खुशबू सुंदर ने मामले को गलत समझा होगा। वह सुंदर के उस बयान का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई हिडन कैमरा नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'जब खुशबू आई थी तो कुछ गड़बड़ हो गई। जब वह कॉलेज गई तो वहां कोई हिडेन कैमरा नहीं था। हम में से किसी ने कभी नहीं कहा था कि वॉशरूम में एक छिपा हुआ कैमरा था। किसी ने उन्हें गलत जानकारी दी, जो एक व्यवस्थित गलती है।'
पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस मुद्दे को हल्के में ले रही है और इस पर पर्दा डालना चाहती है। भाजपा विधायक यशपाल सुवर्णा ने आरोप लगाया कि लड़कियों द्वारा वॉशरूम में वीडियो बनाने का यह कोई साधारण मामला नहीं है। उन्होंने दावा किया, 'हमारे पास सूचना है कि इन लड़कियों ने अपने फोन से वीडियो कुछ लोगों को साझा किए। इन लड़कियों को पुलिस हिरासत में लिया जाना चाहिए।'