2018 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत आर अखंड श्रीनिवासमूर्ति ने दर्ज की थी। पुलकेशीनगर सीट से जीते कांग्रेस के श्रीनिवासमूर्ति ने जेडीएस के बी. प्रसन्नाकुमार को हराया था।
कर्नाटक विधानसभा चुनावों का एलान जल्द ही हो सकता है। इससे पहले ही सभी पार्टियां भी चुनाव की तैयारी में जुट गई हैं। मौजूदा विधानसभा की बात करें तो 2018 में 104 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, 224 सीटों वाली विधानसभा में 113 के बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई थी। कांग्रेस को 80 तो जेडीएस को 37 सीटों पर जीत मिली थी।
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पिछले विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसे भी विधायक थे जिन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले विधायक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 81 हजार से अधिक वोटों से हराया था। आइये जानते हैं सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाले पांच विधायकों के बारे मे...
आर अखंड श्रीनिवासमूर्ति: 2018 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत आर अखंड श्रीनिवासमूर्ति ने दर्ज की थी। पुलकेशीनगर सीट से जीते कांग्रेस के श्रीनिवासमूर्ति ने जेडीएस के बी. प्रसन्नाकुमार को हराया था। श्रीनिवासमूर्ति ने 81,626 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। श्रीनिवासमूर्ति को कुल 97,574 वोट मिले थे। वहीं, जेडीएस के प्रसन्नाकुमार को महज 15,948 वोट से संतोष करना पड़ा था।
श्रीनिवासमूर्ति के अलावा इस सीट से चुनाव लड़े सभी 12 अन्य उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में श्रीनिवासमूर्ति ने अपनी कुल संपत्ति 20 करोड़ से भी अधिक बताई थी। इसमें 58 लाख की चल और 19 करोड़ से भी अधिक की अचल संपत्ति शामिल थी।
डीके शिवकुमार: कांग्रेस के टिकट पर जीते डीके शिवकुमार ने 2018 के चुनावों में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। शिवकुमार ने रामनगरा जिले की कनकपुर सीट जीत दर्ज की थी। उन्होने जेडीएस के नारायण गौड़ा को 79,909 वोट से हराया था। शिवकुमार को कुल 1,27,552 वोट मिले। वहीं, गौड़ा को 47,643 वोट से संतोष करना पड़ा। शिवकुमार और गौड़ा को छोड़कर अन्य नौ उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे।
कर्नाटक के सबसे अमीर विधायकों में शामिल डीके शिवकुमार ने 2018 में अपनी कुल संपत्ति 840 करोड़ से भी अधिक बताई थी।
अभय पाटिल: सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वालों में तीसरे नंबर पर भाजपा के अभय पाटिल थे। पाटिल ने बेलगाम जिले की बेलनाम दक्षिण सीट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के एमडी लक्ष्मीनारायण को 58,692 वोटों के बड़े अंतर से परास्त किया था। पाटिल को कुल 84,498 वोट मिले थे। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे लक्ष्मीनारायण को महज 25,806 वोट से संतोष करना पड़ा था। अभय पाटिल और एमडी लक्ष्मीनारायण को छोड़कर अन्य 11 उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे। नौ उम्मीदवार तो ऐसे थे जिन्हें नोटा से भी कम वोट मिले थे।
यथिंद्र एस: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र एस कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। उन्होंने मैसूर जिले की वरुणा सीट से जीत दर्ज की थी। यथिंद्र ने भाजपा के टी. वसवराजू को 58,616 मतों के बड़े अंतर से हराया था। यथिंद्र को कुल 96,435 वोट मिले थे। वहीं, भाजपा उम्मीदवार को महज 37,819 वोट से संतोष करना पड़ा था। भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवार को छोड़कर अन्य 21 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई थी। वहीं, 20 उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले थे। इस सीट पर 1,497 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था।
हलदी श्रीनिवास शेट्टी: सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वालों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर भाजपा के हलदी श्रीनिवास शेट्टी थे। शेट्टी ने उडुपी जिले की कुंडापुरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। 2018 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के राकेश मल्ली को 56,405 वोटों के अंतर से हराया था। शेट्टी को कुल 1,03,434 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार मल्ली को 47,029 वोट से संतोष करना पड़ा था। इन दोनों के अलावा बाकी तीन उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे।