Karnataka Election 2023
- फोटो : अमर उजाला
इन सीटों की अहमियत क्यों?
राज्य में सत्ता पर काबिज होने के लिए एसटी-एसटी का समर्थन काफी अहम रहता है। 2013 में यहां लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा जताया था तो राज्य में कांग्रेस सत्ता में आई थी। इसके बाद 2018 के चुनाव में जब भाजपा सिद्धारमैया के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरी तो बाजी पलट गई और भाजपा ने कांग्रेस से ज्यादा सीटें अपने नाम की। यह बड़ी वजह थी कि भाजपा कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
इस बार कैसा है हाल?
10 मई को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इस बार कर्नाटक 51 आरक्षित सीटों में से 12 भाजपा, 35 कांग्रेस, 4 जेडीएस ने जीतीं। एससी के आरक्षित सीटों में कांग्रेस ने 21, भाजपा ने 12 और जेडीएस ने तीन सीटें जीतीं। इसके एसटी सीटों पर कांग्रेस ने 14 और जेडीएस ने एक पर कब्जा जमाया। भाजपा यहां खाता भी नहीं खोल पाई।
Karnataka Election Result 2023
- फोटो : Amar Ujala
इन मुद्दों पर लड़ा गया चुनाव
करीब महीने भर चले चुनाव प्रचार के शुरुआती दिनों में भाजपा-कांग्रेस और जेडीएस के बीच विचारधारा पर वार-पलटवार हुआ। देखते ही देखते चुनाव में शासन और सरकार से जुड़े मुद्दे हावी होने लगे। इसके बाद एंट्री हुई भगवान हनुमान के मुद्दे की। फिर तो मुकाबले को रोचक होता चला गया।
इन सीटों पर पिछली बार के परिणाम के बारे में भी जानिए...
पिछले विधानसभा चुनाव में 51 में से 22 पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की थी। वहीं, कांग्रेस ने 20 और जनता दल (सेक्यूलर) ने सात सीटों पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और निदर्लीय के खाते में एक-एक सीट गई थी।