विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को गैर हाजिर रखा जा सकता है। इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगा। इससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा।
- भाजपा लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है। कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं।
कांग्रेस-जदएस का फिर दावा
- कांग्रेस, जेडीएस के नेताओं ने बुधवार को राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर 115 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। इसमें कांग्रेस विधायक आनंद सिंह के हस्ताक्षर नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अर्जी, राष्ट्रपति से शिकायत
- कांग्रेस राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। जदएस के भी जाने की संभावना।
- जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति से शिकायत, विधायकों की परेड
राज्यपाल से मुलाकात के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि महामहिम ने उन्हें संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आधार पर कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के समक्ष गोवा और मणिपुर की मिसाल दी गई। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा सीटें मिली थीं लेकिन वहां के राज्यपालों ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दिया था।
सिद्धारमैया पर हमला
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए सिद्धारमैया को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने ही सभी उम्मीदवारों का चयन किया था और लिंगायत मुद्दे को भी उन्होंने ही हवा दी थी। इसलिए हार की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।
भाजपा का गणित
- विधानसभा में विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को गैर हाजिर रखने की प्लानिंग है. इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगा. इसके बाद बीजेपी अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी. बहुमत का जादुई आंकड़ा 112 से घटकर 104 पर आ जाएगा।
- बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं. इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है। इस बार कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायक लिंगायत समुदाय से हैं।
- बीजेपी चाहती है कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को सरकार बनाने का न्योता और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए वक्त दें।
- कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की। जेडीएस और कांग्रेस ने राज्यपाल को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है. इसमें 78 कांग्रेस, 37 जेडीएस, एक बसपा और एक निर्दलीय विधायक के हस्ताक्षर हैं।
भाजपा को मिला न्योता तो ये कदम उठाएगी कांग्रेस
- गवर्नर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
- गवर्नर के सामने विधायकों की परेड
- जरूरत पड़े तो राष्ट्रपति से शिकायत, राष्ट्रपति के सामने ही विधायकों की परेड