क्या है धर्मस्थल विवाद?
धर्मस्थल कर्नाटक का एक प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक तीर्थस्थल है। यह जगह दक्षिण कन्नड़ ज़िले में स्थित है और यहां भगवान मजुनाथेश्वर का प्रसिद्ध मंदिर है। खास बात यह है कि यहां जैन परंपरा के धर्माधिकारी (धर्माधिकारी - वीरेंद्र हेगड़े परिवार) मंदिर का प्रबंधन करते हैं, लेकिन पूजा-पाठ वैदिक परंपरा के हिंदू ब्राह्मण पुजारी करते हैं। इस तरह से यह स्थल धार्मिक सह-अस्तित्व और सामंजस्य का प्रतीक माना जाता है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
हाल के महीनों में धर्मस्थल के पास एक कथित सामूहिक दफन की घटना सामने आई। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर या उससे जुड़े इलाके में गुप्त रूप से सामूहिक दफन हुआ है। यह बात फैलते ही माहौल गरमा गया और हिंदू संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा और उससे जुड़े संगठनों का आरोप है कि इस घटना से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है और इसके पीछे गहरी साजिश है। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल इस मामले की सच्चाई सामने नहीं ला पाएगा, इसलिए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए।
कांग्रेस सरकार का रुख
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि इस मामले की पूरी तरह से पारदर्शी जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा इस मुद्दे को धार्मिक रंग देकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।