कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक और बेलगावी सिटी पुलिस आयुक्त इदा मार्टिन
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पूरे विवाद पर कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा, पुलिस स्टेशन कांग्रेस पार्टी का कार्यालय बन गया है। निर्वाचित सदस्य होने के नाते वे कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ 4-5 घंटों से थाने के बाहर बैठे हैं। पुलिस कमिश्नर पावती नहीं दे रहे हैं।
भाजपा का आरोप- पूरे कर्नाटक में 'गुंडाराज'; शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन
नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर ने सीटी रवि को प्रताड़ित किया, उनके सिर से खून बह रहा था... पूरे कर्नाटक में 'गुंडाराज' है... भाजपा शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन करेगी। मैं पुलिस अधिकारियों से कहना चाहता हूं, सरकार स्थायी नहीं होती। पुलिस को कानून और व्यवस्था के बारे में सोचना चाहिए।
सीटी रवि, नेता, भाजपा (फाइल फोटो)
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पुलिस आयुक्त ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया
बेलगावी सिटी पुलिस आयुक्त इदा मार्टिन ने सरकार के निर्देश पर कार्रवाई के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के कारण वे उस स्थान का खुलासा नहीं करेंगे जहां भाजपा नेता सीटी रवि को ले जाया जा रहा है। इससे पहले बीजेपी एमएलसी सीटी रवि को खानपुर पुलिस स्टेशन से कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरी जगह ले जाया गया।
भाजपा नेता पर FIR क्यों, क्या है महिला मंत्री के आरोप?
बता दें कि रवि के खिलाफ कर्नाटक सरकार में मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। लक्ष्मी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने विधान परिषद में उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
आरोपी भाजपा विधायक की सफाई- व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की
इससे पहले भाजपा एमएलसी रवि ने कहा, 'कांग्रेस के आरोप झूठे हैं, ऑडियो और वीडियो की पुष्टि होने दीजिए, उसके बाद मैं बोलूंगा। मैं अभी कुछ नहीं कहूंगा..... मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो किसी को व्यक्तिगत रूप से गाली दे। मैंने उन्हें गाली नहीं दी, मुझे नहीं पता कि उन्हें ऐसा क्यों लगा। मैंने उनके खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की है।'
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया (फाइल)
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंत्री हेब्बालकर ने विधान परिषद के सभापति से शिकायत की। कांग्रेस एमएलसी यतीन्द्र सिद्धारमैया ने कहा कि यह घटना सभापति द्वारा सदन स्थगित करने के बाद हुई। घटना के समय वह हेब्बालकर से दो कतार पीछे खड़े थे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, रवि ने कथित तौर पर उनके बीच हुई कहासुनी के दौरान हेब्बालकर के खिलाफ कई बार अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया। इस मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, रवि ने मेरी कैबिनेट की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के लिए एक गंदे शब्द का इस्तेमाल किया। यह अपराध है। सीएम ने कहा, 'हर कोई कह रहा है कि उन्होंने (रवि) ने दस बार गंदे शब्द का इस्तेमाल किया। मैं वहां नहीं था, लेकिन परिषद के सदस्यों के मुताबिक रवि ने गंदा शब्द इस्तेमाल किया। लक्ष्मी को इसका दुख है। यह एक तरह से यौन उत्पीड़न है।
विधानपरिषद के सभापति होरट्टी ने क्या कहा?
पूरे विवाद पर कर्नाटक विधान परिषद के सभापति होरट्टी ने परिषद सचिवालय के कर्मचारियों से वीडियो और ऑडियो की जांच करने को कहा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्डिंग टीम ने उन्हें बताया कि घटना के समय उन्होंने रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी, क्योंकि सदन स्थगित हो चुका था। बाद में सभापति ने कहा कि उन्होंने हेब्बालकर और कांग्रेस एमएलसी उमाश्री, बालकिस बानू, यतीन्द्र सिद्धारमैया और नागराज यादव से बात की। सभी ने रवि पर अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सभापति के मुताबिक रवि ने भी उनसे मुलाकात की और कहा कि उन्होंने कोई अपमानजनक शब्द का प्रयोग नहीं किया। रवि ने उनसे केवल इतना कहा कि वे 'निराश' हैं। विवाद बढ़ने पर होरट्टी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने शिकायतकर्ता मंत्री और आरोपी भाजपा नेता से आत्मनिरीक्षण करने की अपील भी की।