कर्नाटक में सीएम बनने जा रहे सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। कर्नाटक के दोनों नेता अब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने उनके आवास पहुंचे हैं।
मनोनीत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कर्नाटक के नए मंत्रिमंडल में मंत्रियों को शामिल करने और विभागों के बंटवारे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। दोनों कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के आवास पहुंचे। काफी देर तक यहां मंत्रियों और विभागों को लेकर मंथन हुआ।
इस बीच कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने कहा कि मनोनित मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मंत्री परिषद पर अंतिम निर्णय लेने आए हैं। महासचिव प्रभारी से बात और अंतिम सूची तैयार करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष के पास लेकर जाएंगे। भाजपा को सोचना चाहिए कि वे चुनाव क्यों हारे और उनकी पार्टी में कितनी फूट है। कर्नाटक की जनता ने विकास की लिए मतदान किया है।
इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की एक बैठक में औपचारिक रूप से सिद्धारमैया को अपना नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने दावा पेश किया। सिद्धारमैया और शिवकुमार शनिवार को कांटीरावा स्टेडियम में दोपहर 12.30 बजे कुछ मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे।
शिवकुमार ने कहा कि सिद्धारमैया, एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और मैं दिल्ली जा रहे हैं। हम कैबिनेट विस्तार के पहले चरण पर चर्चा करेंगे। इसके बारे में फैसला करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। कैबिनेट और बाकी चीजें हम आपको बाद में बताएंगे। किसी अटकलबाजी की जरूरत नहीं है। हम एकजुट होकर काम करेंगे। कर्नाटक मंत्रिमंडल में कुल 34 सदस्य हो सकते हैं।
कांग्रेस ने किए हैं ये पांच वादे
कांग्रेस ने कर्नाटक की जनता से पांच वादे किए हैं। पहला है कि हर घर के परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। दूसरा वादा है कि हर महीने हर महिला को 2000 रुपए दिए जाएंगे। तीसरा वादा है कि हर महीने हर परिवार को 10 किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। चौथी योजना है कि हर महीने 2 साल के लिए कर्नाटक के हर ग्रेजुएट को 3000 रुपए और डिप्लोमा होल्डर को 1500 रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का लाभ दिया जाएगा।
जी परमेश्वर बोले- कभी न कभी कुर्बानी देनी ही पड़ती है
कर्नाटक के मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री पद नहीं दिए जाने पर कर्नाटक कांग्रेस के विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने बेंगलुरु में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को कभी न कभी कुर्बानी देनी ही पड़ती है। इससे पहले गुरुवार को उन्होंने हाईकमान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहाथा कि अगर किसी दलित को उपमुख्यमंत्री का पद नहीं दिया गया तो पार्टी को उसका असर देखने को मिलेगा। हालांकि, पार्टी ने उनकी एक न सुनी और डीके शिवकुमार को एकमात्र डिप्टी सीएम बना दिया।
आगे जी परमेश्वर ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि पूरे मसले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है और सिद्धारमैया को कर्नाटक का मुख्यमंत्री तथा डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम नियुक्त किया गया है। मुझे विश्वास है कि वे सभी को साथ लेकर चलेंगे ताकि हमारे घोषणापत्र को प्रोटोकॉल में लागू किया जा सके।
एमबी पाटिल ने कही यह बात
इस बीच कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एमबी पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि लिंगायत-दलित सहित सभी समुदायों को नई राज्य सरकार में शक्तियों का उचित हिस्सा मिलना चाहिए। एमबी पाटिल कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री पद के इनकार से नाराज बताए जा रहे थे। पाटिल ने कहा कि जिसने भी मतदान किया लिंगायत, दलित, वोक्कालिगा, एसटी, मुस्लिम सभी लोगों को उनका उचित हिस्सा दिया जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि हमारी पार्टी भी ऐसा ही करेगी। वे इन सभी समुदायों को उचित सम्मान देंगे और सत्ता सभी समुदायों के साथ साझा की जाएगी।