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Drugs Case: समीर वानखेड़े ने एनसीबी जोनल निदेशक के रूप में अपने पद का किया दुरुपयोग, जांच रिपोर्ट में खुलासा

Fri, 19 May 2023 08:40 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनसीबी की विशेष जांच टीम ने पिछले साल केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में 44 वर्षीय वानखेड़े और उनकी टीम के खिलाफ मुख्य रूप से दो मामलों में अनियमितताएं पाईं, जिसमें कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी में कथित अनियमितताएं और केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) नियमों का उल्लंघन शामिल है।
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Sameer Wankhede - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनसीबी के मुंबई क्षेत्र के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे से जुड़े विवादास्पद ड्रग्स मामले में समीर वानखेड़े की भूमिका की जांच के लिए गठित एनसीबी की विशेष जांच टीम (सेट) को कई कथित सेवा नियमों के उल्लंघन का पता चला है, जिसमें विदेश यात्रा के खर्च और लक्जरी घड़ियों में लेनदेन की गलत सूचना देना शामिल है। सेट के निष्कर्षों को सीबीआई ने रिकॉर्ड में ले लिया है। बात दें, सीबीआई ने हाल ही में 2008-बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी वानखेड़े के खिलाफ भ्रष्टाचार और कॉर्डेलिया क्रूज पर छापे में नियमों के कथित उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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एनसीबी ने 2 अक्तूबर, 2021 को मुंबई तट पर कॉर्डेलिया क्रूज पर छापा मारा था। इस दौरान शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था। आर्यन खान को लगभग एक महीने जेल में बिताने पड़े थे। हालांकि, पिछले साल एनसीबी ने इस मामले में आर्यन खान को बरी कर दिया था। एनसीबी की विशेष जांच टीम (SIT) ने पाया था कि आर्यन के खिलाफ गलत काम करने का कोई सबूत नहीं है। सेट ने पिछले साल केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में 44 वर्षीय वानखेड़े और उनकी टीम के खिलाफ मुख्य रूप से दो मामलों में अनियमितताएं पाईं, जिसमें कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी में कथित अनियमितताएं और केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) नियमों का उल्लंघन शामिल है।

हालांकि, समीर वानखेड़े ने इन आरोपों का खंडन किया है और अपने खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द कराने के लिए कैट और बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। वानखेड़े का कहना है कि सेट प्रमुख ज्ञानेश्वर सिंह (एनसीबी के उप महानिदेशक) खुद ही अपने आचरण की जांच कर रहे हैं, क्योंकि वह इस छापेमारी के दौरान उनके रिपोर्टिंग बॉस थे। वहीं, हिमाचल प्रदेश कैडर के 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी ज्ञानेश्वर सिंह ने कैट को बताया कि उन्होंने वानखेड़े के खिलाफ अपनी जांच में कोई पक्षपात नहीं किया था, क्योंकि इस मामले में मृतक गवाह प्रभाकर सेल द्वारा दायर एक हलफनामे के आधार पर एनसीबी मुख्यालय द्वारा जांच शुरू की गई थी।
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सेट की रिपोर्ट में कहा गया है कि वानखेड़े ने 2017-21 तक लगभग पांच वर्षों की अवधि में यूके, आयरलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका और मालदीव में परिवार के साथ छह निजी विदेश यात्राएं कीं और 55 दिनों की विदेश यात्रा पर 8.75 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी थी, जो सिर्फ हवाई यात्रा की लागत के बराबर हो सकता है।

समीर वानखेड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत
वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई को कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में एनसीबी के पूर्व जोनल निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। आईआरएस अधिकारी वानखेड़े ने अपने खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द कराने के लिए अदालत का रुख किया है।

हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने वानखेड़े के हलफनामे को दर्ज करने के बाद यह आदेश पारित किया कि वह 20 मई को सुबह 11 बजे मुंबई के बीकेसी इलाके में सीबीआई के कार्यालय में मौजूद रहेंगे। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सीबीआई 22 मई तक वानखेड़े के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।

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