यही नहीं आज सिद्धारमैया ने पीएम को एकबार फिर से आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम खुद को चौकीदार कहते हैं। ये कैसा चौकीदार है जिसके रहते हुए नीरव मोदी और माल्या जैसे लोग देश को अरबों रूपये का चूना लगाकर चले गए और चौकीदार देखता रह गया।
सिद्धारमैया ने कहा कि पीएम पिछले कई वर्षों से अच्छे दिन, अच्छे दिन कहते रहते हैं लेकिन कहां हैं अच्छे दिन? उन्होंने कहा कि वह समझते हैं कि कर्नाटक के लोग हिंदी नहीं समझते तो मैं यह बता दूं कि हम बहुत अच्छे से हिंदी समझते भी हैं और समझा भी सकते हैं।
सोमवार को सीएम सिद्धारमैया सुबह से ही आक्रामक नजर आए। सुबह उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्हें चुप रहने की हिदायत तक डे डाली। मामला था महादयी नदी के पानी बंटवारे का। सीएम से जब एक पत्रकार ने जल विवाद के बारे में पूछा तो उन्होंने गुस्से में रिपोर्टर को चुप रहने की सलाह दे डाली। रिपोर्टर ने जब सीएम से पूछा कि महादयी जल का निर्णय सोनिया गांधी ने लिया था तो वह गुस्से में बोले कि यह निर्णय प्रधानमंत्री का था न कि सोनिया गांधी का।
फिर रिपोर्टर ने सीएम से पूछा कि क्या सचमुच सोनिया गांधी ने पानी के पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। अब सीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर था और उन्होंने लगभग डांटते हुए कहा जिस मुद्दे की आपको समझ नहीं है उस विषय पर आप चुप रहिए।
अब बारी सीएम की थी। उन्होंने पिछले दिनों येदियुरप्पा के बयान पर उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या कोई किसी को घसीटते हुए, हाथ पैर बांध कर पोलिंग बूथ तक ले जा सकता है। यह येदियुरप्पा की गुंडागर्दी है।