मोदी सरकार के कामकाज पर मनमोहन ने कहा कि सरकार आश्चर्यजनक रूप से काम कर रही है और इसका नतीजा हमें दिखाई दे रहा है। नीरव मोदी के मामले पर मनमोहन ने कहा कि निश्चित तौर पर साल 2015-16 के दौरान मोदी को लेकर कुछ खलबली थी। हालांकि इसका मोदी सरकार से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन यदि इल्जाम लगाया जाना है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार है।
लोगों का ध्रुवीकरण करने की जिस तरह की कोशिश पीएम द्वारा किया जा रहा है वह देश के लिए सही नहीं है। मोदी के लिए 70 साल के कांग्रेसी शासन को अपनी असफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराना बहुत आसान है।
2015 में अलर्ट के बावजूद मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया। देश छोड़कर भागने से दो दिन पहले नीरव पीएम के साथ दावोस में मौजूद था। यह अपने आप सच्चाई को बयां करता है। पिछले चार सालों के दौरान मोदी एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।