कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट पर बयान को लेकर राज्य में सियासी बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शिवकुमार के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी से पूछा कि क्या वे आतंकवादियों के पक्ष में हैं या देशभक्तों के?
बता दें, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया है कि मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट भाजपा सरकार की साजिश का हिस्सा था, ताकि मतदाता डेटा चोरी घोटाले से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के इस बयान पर मीडिया से बातचीत में सीएम बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी आतंकी घटनाओं को गंभीरता से नहीं लिया था और आतंकियों का समर्थन किया था। यह कांग्रेस की नीति का हिस्सा है। उसने एक आतंकी को फांसी दिए जाने की आलोचना भी की थी।
कांग्रेस की तुष्टीकरण की रणनीति का हिस्सा
बोम्मई ने कहा कि यह चुनाव के लिए कांग्रेस की तुष्टीकरण की रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस नेताओं को लगता है कि इस तरह के बयानों से उन्हें अल्पसंख्यक वोट मिलेंगे और उन्होंने वही पुरानी रणनीति अपनाई है। लेकिन लोग जागरूक हैं, अब ऐसी चीजें नहीं चलेंगी। सीएम बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे उन आतंकवादियों के पक्ष में हैं जो शांति और व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं, या देश की सेवा करने वाले देशभक्तों के पक्ष में हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की हरकतों और बयान से देश और पुलिस बलों का मनोबल गिरता है।
सीएम बोम्मई ने कहा कि विस्फोट के आरोपी मोहम्मद शारिक का मंगलुरु में विस्फोट करने का इरादा था। उसने अपनी पहचान बदल ली थी। पहले भी वह दो-तीन बार पकड़ा जा चुका है। यह भी पता चला है कि वह विदेश में बैठे आतंकवादियों के संपर्क में था।
डीके शिवकुमार ने क्या कहा था
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में मंगलुरु में 19 नवंबर को हुए विस्फोट का जिक्र करते हुए सवाल उठाया था कि किसने डीजीपी को बिना जांच के यह घोषणा करने के लिए कहा था कि यह आतंकवादी कृत्य है? शिवकुमार के इस बयान पर सत्तारूढ़ भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया आई है।