सिद्धारमैया सरकार ने केंद्र के वीबी-जी राम जी कानून की कड़ी निंदा की, इसे संघीय ढांचे के खिलाफ और रोजगार छीनने वाला बताया। बेल्लारी हिंसा पर कार्रवाई की। बंगलूरू उत्तर के मदप्पनहल्ली में 153 एकड़ में 250 करोड़ रुपये लागत वाला विश्वगुरु बसवन्ना बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की मंजूरी दी गई।
देशभर में जहां मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी कानून करने को लेकर चर्चा तेज है। वहीं दूसरी ओर अब कर्नाटक कैबिनेट ने केंद्र सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा की है। इस कानून में ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार देने की प्रावधान है। ऐसे में राज्य के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री एच के पाटिल ने कहा कि यह कदम संघीय तंत्र के खिलाफ है और जनता का रोजगार छीनने जैसा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस योजना के साथ राजनीति कर रही है और राज्य सरकार को कमजोर कर रही है। इसी दौरान सिद्धारमैया कैबिनेट ने कुछ बड़ी घोषाणाएं भी की। आइए जानते हैं।
उत्तर बंगलूरू के मदप्पनहल्ली में पार्क बनाने की मंजूरी
इस दौरान कर्नाटक कैबिनेट ने बंगलूरू उत्तर के मदप्पनहल्ली में 153 एकड़ में विश्वगुरु बसवन्ना बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने की मंजूरी दी है। परियोजना की कुल लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है, जिसमें पहले चरण के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पार्क में औषधीय पौधशाला, पक्षी अभयारण्य, वृक्ष संग्रहालय और इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा। यह राज्य की राजधानी का तीसरा सबसे बड़ा पार्क होगा, लालबाग और क्यूबन पार्क के बाद।
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