वैश्विक महामारी कोरोना से रोकथाम के मद्देनजर देशभर में लागू लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने वालों पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। बृहस्पतिवार को देशभर में कई जगह ऐसी घटनाएं सामने आईं जहां पुलिस टीम पर हमला हुआ, पत्थरबाजी की गई और लोगों को जागरूक करने पहुंचे कर्मियों को धमकाया गया।
बंगलूरू में लोगों को जागरूक करने पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं पर बयातरायनपुरा मस्जिद से एलान के बाद करीब सौ से अधिक लोग इन्हें धमकाने के लिए जुट गए। पुलिस ने तुरंत पहुंचकर मामले को शांत कराया। बंगलूरू पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने इस मामले में जांच के आदेश भी दिए हैं।
उन्होंने कहा, आशा कार्यकत्रियों को पुलिस सुरक्षा दी जाएगी और उन्हें धमकाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं डिप्टी सीएम सीएन अश्वत नारायण ने हमले में घायल कार्यकत्री से मुलाकात भी की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मोरना इलाके में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को समझाने पहुंची पुलिस पर ही स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। जिसमें एक सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को चोटें भी आईं।
वहीं बिहार के मुंगेर में कोरोना संदिग्धों का सैंपल लेने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों पर भी लोगों ने हमला बोला। वहीं पुलिस की गाड़ी पर पत्थरबाजी भी की। बिहार के मुंगेर में सर्वाधिक आठ मामले कोरोना पॉजिटिव आए हैं जबकि पूरे राज्य में 24 लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
इंदौर में जांच करने पहुंची टीम पर बरसाए पत्थर
मध्यप्रदेश के इंदौर में एक कुट ने लोगों की जांच करने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों पर पत्थर बरसाए। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मध्य प्रदेश में इंदौर कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित है।
मानवाधिकार सिर्फ मानवों के लिए
‘ये सिर्फ ट्वीट नहीं, कड़ी चेतावनी है। मानवाधिकार सिर्फ मानवों के लिए होते हैं। इंदौर की घटना में शामिल अराजक तत्वों को छोड़ा नहीं जाएगा। कोरोना के खिलाफ युद्ध में शामिल सभी डाक्टर, नर्स, आशा कार्यकर्ता और अन्य कर्मियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। इनके साथ कोई दुस्साहस बर्दाश्त नहीं होगा।’ - शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश
धारावी से एक हमलावर गिरफ्तार
कोरोना पीड़ित का घर सील करने पहुंची बीएमसी की टीम पर हमला करने वाले एक युवक को महाराष्ट्र पुलिस ने धारावी से गिरफ्तार किया है।