हालांकि शोधकर्ताओं का यह भी मानना है कि लॉकडाउन के दौरान भारत वायरस संक्रमण के दूसरे चरण में चल रहा था और अभी तक सामुदायिक प्रसार के कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद देश तीसरे चरण में थोड़ा सा फिसल चुका है।
एसोसिएट प्रोफेसर नगा सुरेश वीरापू यह भी चेतावनी देते हैं कि यदि रोकथाम में कोताही बरती गई तो लॉकडाउन लागू होने से 40वें दिन संक्रमित मरीजों की अनुमानित संख्या 2,70,360 हो सकती है, जबकि 5407 लोग अपनी जान गंवा सकते हैं।