कर्नाटक में पिछले कई दिनों से राजधानी बंगलूरू की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य सरकार को खूब आलोचना झेलनी पड़ी है। सड़कों को लेकर जहां विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा तो वहीं कई बड़ी हस्तियों ने भी इस पर सवाल उठाए। हालांकि इस पर मोर्चा संभालते हुए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने विपक्ष और कुछ लोगों पर पलटवार भी किया। लेकिन अब इस मामले पर सीएम सिद्धारमैया ने बड़ा फैसला लेते हुए निर्देश दिए हैं कि एक हफ्ते में ही राजधानी बंगलूरू के सभी गड्ढे भर दिए जाएं।
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अधिकारियों को सीएम सिद्धारमैया ने दिए निर्देश
गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'मैंने ग्रेटर बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव और शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरीनाथ से बात की है। सभी गड्ढे एक हफ्ते के भीतर भरे जाने चाहिए।' उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मरम्मत कार्यों में देरी हुई है। उन्होंने कहा, 'इस बार ज्यादा बारिश हुई है, इसलिए कुछ काम रुक गए थे, लेकिन अब सभी गड्ढे समय पर भरने होंगे।'
कंक्रीट सड़कों से मिलेगी स्थायी राहत- सीएम
सिद्धारमैया ने कहा कि बंगलूरू में सड़कों को टिकाऊ बनाने के लिए कंक्रीट सड़कों का काम तेजी से किया जा रहा है। उनके अनुसार, कंक्रीट वाली सड़कें 25 से 30 साल तक टिकती हैं। इससे गड्ढों की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।' उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने सभी विधायकों को उनके क्षेत्रों के विकास के लिए बजट में 8,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास हो सके। उन्होंने कहा, 'विपक्षी दलों के विधायकों को भी निधि दी जा रही है, क्योंकि हमारा लक्ष्य संपूर्ण विकास है।'
अब तक 10000 गड्ढे भरे गए- डीके शिवकुमार
उपमुख्यमंत्री और बंगलूरू विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने जानकारी दी कि अब तक 10,000 से अधिक गड्ढे भरे जा चुके हैं। उन्होंने कहा, 'पूर्ववर्ती बोम्मई सरकार ने अदालत में हलफनामा दिया था कि बंगलूरू में करीब 20,000 गड्ढे हैं। हमने जनता और ट्रैफिक पुलिस दोनों को गड्ढों की पहचान और शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी है। हम पारदर्शी तरीके से काम कर रहे हैं।' डिप्टी सीएम ने बताया कि शहर में 500 किलोमीटर सड़कों की व्हाइट टॉपिंग के लिए 4,000 करोड़ रुपये की लागत से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर)तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा, 'अभी तक 148 किमी सड़कों पर व्हाइट टॉपिंग का काम शुरू हो चुका है, जिस पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा 182 सड़कों पर 350 किमी तक ब्लैक टॉपिंग का काम 695 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है।'
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केंद्र पर सहयोग न करने का आरोप
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने 1100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान दिया है, जिससे 550 किमी सड़कों के डामरीकरण का काम किया जा रहा है। शिवकुमार ने केंद्र सरकार और भाजपा सांसदों पर आरोप लगाया कि वे बंगलूरू के विकास में सहयोग नहीं कर रहे हैं।