राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' में बढ़ते मनमुटाव और आपसी विवाद के कारणों के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर एक मजबूत और संगठित रूप में सामने आना चाहिए, ताकि उनका प्रभावी रूप से प्रतिनिधित्व हो सके। सिब्बल ने यह भी कहा कि इंडिया को एक ब्लॉक के रूप में दिखाई देना चाहिए, न कि एक अलग-अलग खेमे के रूप में, जैसा कि बीते कई विधानसभा चुनावों में देखने को मिला है।
बता दें कि बीते कई विधानसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक के भीतर मनमुटाव और आपसी विवाद देखे गए हैं। ये विवाद खासकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच देखा गया। इस बात पर प्रकाश डालते हुए सिब्बल ने कहा कि इन विवादों से विपक्षी एकता कमजोर हुई है, लेकिन उन्हें विपक्षी गठबंधन के भविष्य पर विश्वास है। उन्होंने कहा कि समय आने पर पता चलेगा कि यह गठबंधन किस रूप में होगा।
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वक्फ (संशोधन) विधेयक पर दी प्रतिक्रिया
परिसीमन मामले में पर दी अपनी राय
साथ ही सिब्बल ने इन दिनों लगातार चर्चा में चलव रहे परिसीमन मामले पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसका भविष्य में देश की राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि नई जनगणना होने तक परिसीमन नहीं किया जा सकता है, क्योंकि 2021 की जनगणना अभी तक पूरी नहीं हुई है।
तीन भाषा फॉर्मूले पर जताई आपत्ति
इसके अलावा, सिब्बल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह एक विवादास्पद मुद्दा है, और इस पर देशभर में अलग-अलग राय हैं। साथ ही सिब्बल ने सरकार से अपील की कि ऐसे विवादास्पद मुद्दों से बचा जाए जो 21वीं सदी की चुनौतियों का समाधान नहीं करते।
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गौरतलब है कि कपिल सिब्बल ने कांग्रेस छोड़ने के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा में प्रवेश किया। साथ ही अब वह एक स्वतंत्र सांसद के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में विपक्षी एकता को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि समय के साथ विपक्ष को एक मजबूत और संगठित ढांचे में ढालने की जरूरत है।