कंगना रणौत-देवेंद्र फडणवीस-शरद पवार (फाइल फोटो)
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महाराष्ट्र सरकार और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के बीच तनातनी जारी है। मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ ड्रग्स मामले में जांच शुरू कर दी है। मुंबई पुलिस को मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार से आधिकारिक तौर पर पत्र मिला है। अब इस मामले पर भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार से कहा है कि आपने दाउद का घर छोड़ दिया और कंगना का तोड़ दिया। वहीं शरद पवार का कहना है कि इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
कंगना नहीं हैं कोई राजनेता: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'कंगना रणौत के मुद्दे को आपने (शिवसेना) बेवजह तूल दे दी है। वो कोई राजनेता नहीं हैं। आप दाऊद के घर को तोड़ने के लिए नहीं जाते हैं लेकिन आपने उनके दफ्तर को तोड़ दिया।' इससे पहले उन्होंने हिंदी में ट्वीट कर कहा था कि यह एक तरह से राज्य में 'सरकार द्वारा प्रायोजित आतंक' है।
सरकार की नहीं है कोई भूमिका: शरद पवार
कंगना का दफ्तर तोड़े जाने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, 'यह निर्णय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने लिया था। राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। बीएमसी ने अपने नियमों और विनियमों का पालन किया।'
कंगना को मिलना चाहिए मुआवजा: रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले बोले, 'मैं मुंबई में कंगना रणौत की संपत्ति को तोड़े जाने के मुद्दे पर आज महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिला और मांग की कि उन्हें नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए। जिस तरह से बीएमसी ने उनकी संपत्ति पर तोड़फोड़ की है, वह गलत है। उन्हें न्याय मिलना चाहिए।'
बता दें कि राज्य के मंत्री अनिल देशमुख ने कंगना रणौत के ड्रग्स मामले को उठाया था। उन्होंने कंगना के एक्स बॉयफ्रेंड और एक्टर अध्ययन सुमन के एक पुराने इंटरव्यू के आधार पर इस मामले को उठाया। अध्ययन सुमन ने अपने उस इंटरव्यू में कंगना के ड्रग्स लेने का दावा किया था।