अपनी अद्भुत कलाकृतियों के माध्यम से देसी कलाकार और कारीगर लोगों की जिंदगी में चार चांद लगा देते हैं, लेकिन खुद इन कलाकारों की जिंदगी अंधेरे में डूबी रहती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह होती है कि कलाकारों को उनकी कलाकृतियों की उचित कीमत नहीं मिलती। बिचौलिये कलाकृतियों की बाजार में ऊंची कीमत वसूलते हैं, लेकिन इन्हें बनाने वाले कलाकारों को नाममात्र का हिस्सा देते हैं। लेकिन अब कलाकार अपनी कृतियों को 'कला भारत अभियान' के माध्यम से स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेच सकेंगे और इसकी उचित कीमत प्राप्त कर सकेंगे। कला भारत अभियान की शुरूआत भाजपा सांसद सरोज पांडेय के नेतृत्व में प्रारंभ हुई है।
भाजपा सांसद सरोज पांडेय ने 'कला भारत अभियान' की शुरुआत करते हुए कहा कि देश के कारीगरों के हाथों से बनी कलाकृतियां लंबे समय से पूरी दुनिया में विख्यात रही हैं। इन्होंने भारत के सांस्कृतिक विकास की कहानी पूरी दुनिया में फैलाई है, लेकिन इन कलाओं को गढ़ने वाले हाथ आज भी विकास की चमक से दूर रह गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कारीगरों की स्थिति सुधारने के लिए अभूतपूर्व काम किया है। 'कला भारत अभियान' के माध्यम से स्थानीय कलाकार अपनी चीजों की उचित कीमत प्राप्त कर सकेंगे।
'कला भारत अभियान' से कारीगर, कलाकार, हस्तशिल्प, हथकरघा जैसे उद्योगों से जुड़े लोग स्वयं जुड़ सकेंगे। इस मंच के माध्यम से वे अपनी चीजों को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे बेच सकेंगे। इस मंच से स्थानीय कलाकारों की चीजें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बेची जाएंगी।