नेशनल इलिजिबिलिटी इंटरेंस टेस्ट (नीट) को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी अध्यादेश को निरस्त करने की गुहार संबंधी याचिका पर न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। अब इस मामले की सुनवाई दूसरी पीठ के समक्ष शुक्रवार को होगी।
व्यापम घोटाले को उजागर करने वाले डॉ. आनंद राय द्वारा दायर की गई इस याचिका पर मंगलवार को न्यायमूर्ति अनिल आर दवे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव के पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया।
मालूम हो कि एल नागेश्वर राव पूर्व में इस मामले में तमिलनाडु सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं। अब इस याचिका पर 15 जुलाई को सुनवाई होगी। याचिका में नीट को लेकर केंद्र सरकार के अपने निर्णय में फेरबदल करने का आरोप लगाया गया है।
सरकार इस मामले में कई बार अपना पक्ष बदल चुकी है। मालूम हो कि केंद्र सरकार शुरू में इसी वर्ष से नीट को पूरे देश में लागू करने पर सहमति जता चुकी थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद अध्यादेश लाकर उसमें बदलाव कर दिया।