बिजली कंपनियां रोजाना बिजली खपत के साथ घर में किस उपकरण से ज्यादा बिजली खर्च हो रही है, ये जानकारी भी उपभोक्ता को देंगी। इससे उपभोक्ता जान पाएगा कि किस बिजली उपकरण में बदलाव करने पर वह एक माह में कितनी बिजली और पैसे बचा सकता है।
ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता को ऐसी सुविधाएं मुहैया करायी जा सकती हैं। इससे बिजली चोरी और बर्बादी को रोका जा सकता है साथ ही आउटएज मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल कर बिजली कटौती के कारण की सूचना भी उपभोक्ता को दिए जाने की तैयारी है।
24 घंटे बिजली का लक्ष्य है इससे अलग
केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य इस कवायद से अलग रखा गया है। विद्युत मंत्री आरके सिंह के मुताबिक, हमने राज्यों के साथ 2015 में समझौता किया था कि हम सभी लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराना चाहते हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 तय की गई थी। इस मकसद पर केंद्र लगातार काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है।