फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल डाटा की ही तरह अब रोजाना बिजली खर्च से संबंधित मिलेंगी ये सारी जानकारियां

Sun, 20 May 2018 08:34 AM IST
पीयूष पांडेय, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

घर में प्रयोग में लाए जा रहे उपकरणों पर रोजाना कितनी बिजली खर्च हो रही है। आने वाले दिनों में इसकी जानकारी ठीक वैसे ही सार्वजनिक विद्युत निगम और कंपनियां उपभोक्ताओं को मुहैया कराएंगी, जैसे मोबाइल कंपनियां आपके रोजाना के इंटरनेट डाटा खर्च की जानकारी देती हैं। ऑटोमेशन तकनीक की तरफ बढ़ रहे केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने राज्यों से चर्चा के बाद देश भर की विद्युत वितरण कंपनियों से इस पर राय मांगी है। इसके बाद यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

विज्ञापन

       
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की वितरण कंपनियों को बिजली वितरण में उतर रहीं निजी कंपनियों से सीखने को कहा है, जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उपभोक्ता को बेहतर सेवाएं दे रही हैं। मंत्रालय ने सलाह दी है कि सार्वजनिक कंपनियां उपभोक्ता केंद्रित सुविधाएं मुहैया कराएं।

इसमें कंपनियां उपभोक्ता को दूरसंचार कंपनियों की तर्ज पर सेवा से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में विद्युत कंपनी बदलने, रोजाना घर में खर्च हो रही बिजली का ब्योरा और मीटर से जारी बिजली के बर्बाद होने के कारण की जानकारी देने जैसी सुविधा मुहैया कराएंगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

ये होगा इस व्यवस्था से लाभ

बिजली कंपनियां रोजाना बिजली खपत के साथ घर में किस उपकरण से ज्यादा बिजली खर्च हो रही है, ये जानकारी भी उपभोक्ता को देंगी। इससे उपभोक्ता जान पाएगा कि किस बिजली उपकरण में बदलाव करने पर वह एक माह में कितनी बिजली और पैसे बचा सकता है।

ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता को ऐसी सुविधाएं मुहैया करायी जा सकती हैं। इससे बिजली चोरी और बर्बादी को रोका जा सकता है साथ ही आउटएज मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल कर बिजली कटौती के कारण की सूचना भी उपभोक्ता को दिए जाने की तैयारी है।

24 घंटे बिजली का लक्ष्य है इससे अलग

केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराने का लक्ष्य इस कवायद से अलग रखा गया है। विद्युत मंत्री आरके सिंह के मुताबिक, हमने राज्यों के साथ 2015 में समझौता किया था कि हम सभी लोगों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराना चाहते हैं। इसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2019 तय की गई थी। इस मकसद पर केंद्र लगातार काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें