इलाहाबाद हाईकोर्ट का सेंटर फॉर इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी देशभर के उच्च न्यायालयों के लिए एक नजीर सबित होने जा रहा है।
पुराने न्यायिक दस्तावेजों की स्कैनिंग कर उनको डिजिटाइज करने के लिए बना यह केंद्र देश में पहला है।
हाईकोर्ट में इस विषय पर छह अगस्त को एक दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के उच्च न्यायालय से न्यायाधीशों, प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
सम्मेलन में डिजिटाइजेशन से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी तथा सेंटर की उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी सेंटर के चेयरमैन जस्टिस दिलीप गुप्ता की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों की एक बैठक हुई।
इसमें मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने नगर निगम को शहर की साफ-सफाई व्यवस्था और नालियों पर ग्रिल लगाने का निर्देश दिया है।
साथ ही यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने और बाहर से आने वाले न्यायाधीशों के संगम और अन्य प्रसिद्ध स्थानों के भ्रमण हेतु व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा आदि को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर डिजिटाइजेशन सेंटर का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर द्वारा किया गया था।
यह देश में अब तक पहला ऐसा सेंटर है जो प्रतिमाह करोड़ों पेज स्कैन कर उसे डिजिटल फार्म में तब्दील कर देगा, ताकि लोगों को अपने मुकदमे की जानकारी ऑनलाइन मिल सके।
इससे अदालतों का बोझ भी काफी कम हो सकेगा। हाईकोर्ट के सम्मेलन में देश भर से आने वाले अतिथियों के संगम स्नान हेतु संगम पर एक खूबसूरत प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है।
प्लेटफार्म की डिजाइन काफी खूबसूरत है तथा इसके साथ सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं।