'मी टू' अभियान के तहत यौन उत्पीड़न मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर जिस महिला पत्रकार ने रेप का आरोप लगाया था, अब उसने इस मामले अपना पक्ष रखा है। पत्रकार ने कहा है कि उनके और एमजे अकबर के बीच सहमति से संबंध नहीं बने थे।
महिला पत्रकार का कहना है कि जबरदस्ती और ताकत का गलत इस्तेमाल कर बनाए गए संबंध कभी सहमति वाले नहीं हो सकते हैं।
बता दें कि एमजे अकबर पर अमेरिका की नागरिक और नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की चीफ बिजनेस एडिटर ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उनके इस आरोप पर शुक्रवार को एमजे अकबर ने सफाई देते हुए कहा था कि महिला पत्रकार और वह एक आपसी रजामंदी वाले रिश्ते में थे।
उन्होंने कहा था, 'हमारा यह रिश्ता कुछ महीनों तक चला। इस रिश्ते की वजह से लोगों को बात करने का एक मौका मिला और इसका असर मेरे घर पर पड़ा। हालांकि इस रिश्ते का अंत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा।'
वहीं, अकबर की पत्नी मल्लिका ने भी अपने पति की बात का समर्थन करते हुए आरोपों को झूठ बताया है। उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं पता कि आखिर महिला पत्रकार ने यह झूठ क्यों कहा, लेकिन यह झूठ है।
पत्रकार ने ट्वीट के जरिए एमजे अकबर की सफाई पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने लिखा है, 'मैं उस समय 20 साल की एक महत्वाकांक्षी पत्रकार थी और अकबर के नेतृत्व वाले अखबार में काम कर रही थी। अकबर मेरे और अन्य महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जिम्मेदारी लेने के बजाय एक सीरियल यौन दुर्व्यवहार करने वाले की तरह संबंध को सहमति वाला बता रहे हैं। मैं अपने आरोपों पर कायम हूं और आगे भी सच्चाई बयां करती रहूंगी ताकि अन्य महिलाएं भी जो अकबर के द्वारा यौन प्रताड़ित की गई हैं, वो खुलकर सच्चाई बयां कर सकें।'
गौरतलब है कि अमेरिकी पत्रकार ने वॉशिंगटन पोस्ट में एक लेख के जरिए एमजे अकबर पर रेप का आरोप लगाया था। उन्होंने लिखा था, 'उस समय मैं 22 साल की थी जब एशियन एज में काम करने के लिए गई। वहां ज्यादातर महिलाएं काम करती थीं। हम सभी ज्यादातर कॉलेज से निकली हुई लड़कियां थीं। हमें पत्रकारिता की बुनियादी चीजें मालूम नहीं थी। अकबर के अधीन काम करना हमारे लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं था, क्योंकि वह दो राजनीतिक किताबों के लेखक होने के साथ ही एक प्रतिष्ठित संपादक भी थे।'
उन्होंने आगे लिखा था, '23 साल की उम्र में मैं एशियन एज के ओप-एड पेज की संपादक बन गई थी। लेकिन मुझे जल्द ही अपनी ड्रीम जॉब की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। मेरी दोस्त तुषिता को आज भी वह पल याद हैं जब अकबर ने पहली बार मेरा शोषण किया था। 1994 में मैं उनके दफ्तर गई। जिसका दरवाजा बंद था। मैं उन्हें ओप-एड पेज पर अपने द्वारा बनाई गईं रोचक हेडलाइंस को दिखाने के लिए गई। उन्होंने मेरे कोशिश की तारीफ की और अचानक मुझे किस करने के लिए झुके। मैं लाल चेहरे, शर्मिंदगी और उलझन के साथ बाहर निकली। मैंने अपनी दोस्त को पूरी घटना के बारे में बताया।'
महिला पत्रकार ने आगे लिखा था, 'उस घटना के कुछ महीने बाद जयपुर में हम एक खबर के सिलसिले में पहुंचे थे। जब खबर पूरी हो गई तो अकबर ने मुझे स्टोरी पर चर्चा करने के लिए अपने होटल के कमरे में बुलाया। उसने वहां मेरा दुष्कर्म किया। मैं उससे लड़ी, लेकिन वह बहुत ज्यादा पावरफुल था। इस घटना के बारे में पुलिस में शिकायत करने की बजाए मैं शर्मिंदगी से भर गई। मैंने इसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। क्या कोई मुझपर विश्वास करता? मैंने इसके लिए खुद को जिम्मेदार माना कि मैं क्यों होटल के कमरे में गई थी? इसके बाद वह कुछ महीनों तक मेरा शोषण करता रहा। मैं बहुत असहाय थी।'