Landslide In Manipur: मणिपुर में प्राकृतिक आपदा के बीच भारतीय वायुसेना और असम राइफल्स ने मोर्चा संभालते हुए संयुक्त राहत अभियान चलाया है। इस अभियान का नाम 'ऑपरेशन सहयोग' रखा गया है, इसके तहत भारतीय सुरक्षा बलों ने 18 गांवों तक मदद पहुंचाई है।
भयंकर भूस्खलनों के कारण मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप उपमंडल के 18 गांवों को भारतीय वायुसेना और असम राइफल्स ने शुक्रवार को संयुक्त राहत अभियान 'ऑपरेशन सहयोग' के तहत इन गांवों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई। इस अभियान से करीब 1,500 ग्रामीणों को राहत मिली। उल्लेखनीय है कि भूस्खलनों के कारण इन गांवों का संपर्क टूट गया था। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए अभियान की सराहना की और कठिन परिस्थितियों में काम करने वाली टीमों की प्रशंसा की।
17 जुलाई को शुरू हुई थी मानवीय पहल
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोहिमा में बताया कि यह मानवीय पहल 17 जुलाई को हुई भारी बारिश और भूस्खलन के बाद आरंभ की गई थी, जिससे एनएच-2 पर आवागमन ठप हो गया था। ऑपरेशन का नेतृत्व आइना में तैनात असम राइफल्स की यूनिट ने किया, जो 1 अगस्त को सुबह से दोपहर तक चला।
विज्ञापन
वायुसेना ने पहुंचाईं दैनिक उपयोग की सामग्री
इस दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से चुराचांदपुर से हेंगलेप उपमंडल के चिन्हित ड्रॉप ज़ोन्स तक छह टन जरूरी राशन और दैनिक उपयोग की सामग्री, जिनमें चावल, दालें और अन्य खाद्य वस्तुएं शामिल थीं, पहुंचाई गईं। करीब 1,500 ग्रामीणों को राहत प्रदान करते हुए, असम राइफल्स के जवानों ने न केवल तेजी से सामग्री एकत्र की बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि हर प्रभावित गांव तक समान और निष्पक्ष वितरण हो सके।
नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर भारतीय सुरक्षा बल
यह संयुक्त अभियान यह दर्शाता है कि किस प्रकार भारतीय सुरक्षा बल कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं। इस राहत कार्य ने न केवल जरूरतमंदों को तत्काल सहायता पहुंचाई, बल्कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की क्षमता को भी उजागर किया। भारतीय वायुसेना और असम राइफल्स की यह पहल मानवता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए समर्पण का प्रतीक है।