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संसद सत्र: 'आपने अंतरिक्ष विभाग को गोपनीयता के पर्दे के पीछे रखा', जितेंद्र सिंह का जयराम रमेश को जवाब

Wed, 20 Sep 2023 03:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अंतरिक्ष विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ‘भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा चंद्रयान-3’ की सफल सॉफ्ट लैंडिंग विषय पर राज्यसभा में अल्पकालिक चर्चा में बोल रहे थे।
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Jitendra Singh - फोटो : Social Media
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विस्तार
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विपक्ष काफी दिनों से केंद्र की मोदी सरकार पर अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का श्रेय लेने का आरोप लगा रहा है। इसे सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में दावा किया कि इस क्षेत्र को आम आदमी और उद्योगों के लिए बंद करके रखा गया था। कांग्रेस ने इसे गोपनीयता के पर्दे के पीछे रखा था। इससे इसकी प्रगति इतने वर्षों तक बाधित रही और आज देश में अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में 150 स्टार्ट अप काम कर रहे हैं।

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अंतरिक्ष विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ‘भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष यात्रा चंद्रयान-3’ की सफल सॉफ्ट लैंडिंग विषय पर राज्यसभा में अल्पकालिक चर्चा में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने दर्शक दीर्घा में बैठे चंद्रयान-3 के परियोजना निदेशक पी वीरमुथुवेल की ओर सभी सदस्यों का ध्यान बढ़ाया। इस पर सदस्यों ने मेजें थपथपा कर वरिष्ठ वैज्ञानिक का स्वागत किया।

जितेंद्र सिंह ने इसरो के वैज्ञानिक टीम की सराहना करते हुए कहा कि यदि वहां रत्ती भर भी राजनीति रही होती तो देश चंद्रयान-3 की सफलता अर्जित नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि चंद्रयान अभियान की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा इसे दी गयी मंजूरी के साथ हुई थी। उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला का तीसरा अभियान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि यदि आप अतीत में जाएं और पुरानी तस्वीरों को देखें तो मशहूर वैज्ञानिक विक्रम साराभाई लॉन्चर वाहन को साइकिल कैरियर पर ले जाते हुए दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि उस समय प्रधानमंत्री कौन थे? उस समय किसकी सरकार थी? हमारे वैज्ञानिकों में कभी प्रतिभा-योग्यता की कमी नहीं थी, निष्ठा भी थी। मेहनत करने का जज्बा था और आंखों में सपने थे। कुछ नहीं होते हुए भी कुछ कर गुजरने का साहस था, लेकिन अभाव था तो अनुकूलता का, वह अभाव अब पूरा हुआ।

उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हुआ कि देश के वैज्ञानिकों ने इतनी ‘लंबी छलांग’ लगाई? क्या कोई जादू की छड़ी आ गई थी? उन्होंने कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश द्वारा कही गई इस बात का जिक्र किया कि यह कोई सैन्य कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने प्रश्न किया कि यदि यह सैन्य कार्यक्रम नहीं था तो आम आदमी के श्रीहरिकोटा में जाने पर रोक क्यों लगाई थी?

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