केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को सुशासन दिवस के मौके पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुशासन केवल एक आदर्श विचार नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर आधारित दैनिक प्रशासनिक जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने कोर शासन प्रक्रिया को मजबूत करने और सिविल सेवक को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पांच महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की।
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केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस का खास महत्व है, क्योंकि देश पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मना रहा है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के अवधारणा को संस्थागत बनाया और लोगों को सबसे पहले रखने वाले सुशासन की नींव रखी। सिंह ने कहा कि सुशासन का विचार पहले भी दिया गया था, लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे पूरी तरह से लागू किया जाने लगा, जिसका मंत्र 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' था।
मंत्री ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) सुशासन पर 5 बड़ी पहल शुरू कर रहा है। इसका मकसद शासन प्रक्रिया को मजबूत करना, स्टेक होल्डर्स को सपोर्ट करना और सिविल सेवक को बदलते प्रशासनिक माहौल की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
शुरू हुई पांच पहले
इन पहलों में सबसे प्रमुख एआई-पावर्ड रिक्रूटमेंट रूल्स जनरेटर टूल है, जो भर्ती नियमों को बनाने में होने वाली देरी और विसंगतियों को दूर करेगा। इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों की सुविधा के लिए ई-एचआरएमएस 2.0 मोबाइल एप लॉन्च किया गया, जिससे सर्विस रिकॉर्ड, प्रमोशन और ट्रांसफर जैसी प्रक्रियाएं अब उंगलियों पर होंगी। पूर्व सैनिकों के सम्मान में सरकार ने उनके आरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों का एक अपडेटेड कलेक्शन भी जारी किया है, ताकि भर्ती प्रक्रियाओं में स्पष्टता बनी रहे और गलतियों की गुंजाइश न रहे।
प्रशासनिक क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 'एआई सारथी' और 'एआई ट्यूटर' जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो सिविल सर्वेंट्स को
निजीकृत शिक्षण सहायता देंगे। इसके अलावा, कर्मयोगी डिजिटल लर्निंग लैब 2.0 के जरिए एआर/वीआर और गेमिफिकेशन जैसी तकनीक का उपयोग कर उच्च गुणवत्ता वाला ट्रेनिंग कंटेंट तैयार किया जाएगा। सिंह ने कहा ये पहलें शासन सुधार के लिए एक सही भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई सोच को दिखाती हैं। ये तकनीकी के फायदे के साथ संस्थाओं को मजबूत करती है और नागरिकों और सिविल सेवकों को बदलाव के सेंटर में रखती है।
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सेक्रेटरी ने क्या कहा?
इसी कार्यक्रम के दौरान डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की सेक्रेटरी, रचना शाह ने अपने भाषण में कहा कि सुशासन दिवस अटल बिहारी वाजपेयी के हमेशा रहने वाले विजन की याद दिलाता है कि शासन कुशल, पारदर्शी और मानवीय होनी चाहिए। 19 दिसंबर से शुरू हुए हफ्ते के दौरान देश भर में चलाए गए 'प्रशासन गांव की ओर' कैंपेन के बारे में बताते हुए, उन्होंने कहा कि इस पहल ने 700 से अधिक जिलों में हजारों कैंप लगाकर शासन को सीधे जनता तक पहुंचाया गया है।
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