भाजपा शासित प्रदेश झारखंड में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महतो शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले और पार्टी में शामिल हो गए।
झारखंड में लोकसभा चुनावों के बाद अगले वर्ष के अंत में ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में महतो का कांग्रेस में शामिल होना एनडीए के लिए झटका माना जा रहा है। कांग्रेस की मंशा महतो के सहारे आदिवासियों के बीच अपना जनाधार बढ़ाने की है।
इस साल राज्य में 3 उपचुनाव हारी भाजपा
इस साल राज्य में तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हुए। इन तीनों में ही भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। हाल ही में कोलेबीरा सीट के लिए हुए उपचुनाव में जहां कांग्रेस ने बाजी मारी, वहीं इससे पहले गोमिया व सिल्ली सीट के लिए हुए उपचुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा को जीत मिली थी। कांग्रेस और झामुमो आगामी लोकसभा चुनावों में महागठबंधन बनाने की प्रक्रिया में है। ऐसे में भाजपा के सहयोगी दल जदयू के प्रदेश अध्यक्ष का कांग्रेस में शामिल होना उसके लिए और नुकसानदायक हो सकता है।