बिहार में महागठबंधन की टूट को लेकर बस तारीख और समय तय होना बाकी है। महागठबंधन के अंदर रार तो काफी दिनों से चल रही थी, लेकिन राष्ट्रपति पद को लेकर जो महागठबंधन के अंदर हालात बने हैं, वो पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तीखे और आक्रामक हैं। आरजेडी नीतीश कुमार पर हमला बोल चुकी है, तो महागठबंधन को लेकर अब तक खामोश रही कांग्रेस ने सोमवार को पहली बार नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। जिसके बाद जेडीयू ने कांग्रेस पर जोरदार प्रहार करते हुए उसपर अड़ियल रुख अपनाने का आरोप लगाया।
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर एनडीए कैंडिडेट को समर्थन के सवाल पर कहा कि विपक्ष एकजुट तब रहता, जब कांग्रेस अपना अड़ियल रवैया छोड़ती।
Congress ke adyal rawayye aur zidd ke vajah se ye sambhav nahi ho paaya: KC Tyagi, JD(U) #MeiraKumar #PresidentialElection pic.twitter.com/PePmYIORA0
— ANI (@ANI_news) June 26, 2017
जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने साफ कहा कि विपक्षी दलों के लोग राष्ट्रपति पद के लिए किसी गैर कांग्रेसी को उम्मीदवार बनाना चाहते थे, पर कांग्रेस ने मीरा कुमार को बना दिया।
Adhikaansh vipakshi dal kisi gair Congressi ko rashtrapati ka ummidwaar banana chahte thay: KC Tyagi, JD(U) #PresidentialElection
— ANI (@ANI_news) June 26, 2017
केसी त्यागी ने कहा कि वामपंथी दलों के साथ चेन्नई में हमारी बैठक हुई थी। जिसमें गोपालकृष्ण गांधी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी थी।
Vaampanthi dalon aur hamare beech jo razabandi Chennai mein hui thi uske mutabik Gopalkrishna Gandhi ko ummeedwaar hona tha: KC Tyagi, JD(U)
Vaampanthi dalon aur hamare beech jo razabandi Chennai mein hui thi uske mutabik Gopalkrishna Gandhi ko ummeedwaar hona tha: KC Tyagi, JD(U) pic.twitter.com/gfFq6WcRlB
— ANI (@ANI_news) June 26, 2017
जेडीयू के इस पलटवार के बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव में टूटी विपक्षी एकजुटता का नतीजा अब बिहार में महागठबंधन की टूट के तौर पर सामने आ सकता है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार लालू प्रसाद से गठजोड़ के बाद खराब हुई छवि को लगातार चमकाने का प्रयास कर रहे थे, और राष्ट्रपति पद के चुनाव ने उन्हें ये मौका भी दे दिया। ऐसे में जेडीयू महागठबंधन पर भी कोई बड़ा ऐलान कर सकती है।