अप्रैल महीने में जदयू, राष्ट्रीय लोकदल, झारखंड विकास मोर्चा और सजपा का आपस में विलय हो जाएगा। विलय के लिए तैयार किया जा रहा ड्राफ्ट अंतिम चरण में है। अगले महीने चारों दलों की ओर से चुनाव आयोग को विलय की प्रक्रिया पूरी करने के बाद संयुक्त अनुरोध भेजा जाएगा।
फिलहाल पार्टी के नाम और नए चुनाव चिन्ह पर मंथन जारी है। नाम और चिन्ह में चारों दलों की झलक दिखने केलिए माथापच्ची हो रही है। बताते हैं कि इन चारों दलों के विलय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विलय केलिए जदएस और इंडियन नेशनल लोकदल से भी संपर्कसाधा जाएगा।
फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रालोद के मुखिया चौधरी अजित सिंह की योजना उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने की है।जदयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि चारों दलो में विलय को ले कर सैद्घांतिक सहमति है।
अब विलय का कानूनी ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। यह फिलहाल अंतिम दौर में है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, सभी दल इसके लिए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि नाम और चुनाव चिन्ह पर फिलहाल बातचीत जारी है।
सूत्रों ने बताया कि दरअसल नीतीश को रालोद के सहारे पश्चिम उत्तर प्रदेश तो खुद के सहारे पूर्वी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। नीतीश इसी बहाने बिहार विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मिले सियासी गच्चे का हिसाब किताब भी पूरी कर लेना चाहते हैं।