आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ संबंध होने के आरोप में पश्चिम बंगाल से हिरासत में लिए गए आशिक अहमद उर्फ राजा दास यहां आईएस का केंद्र स्थापित करना चाहता था। इसके जरिये वह बांग्लादेश में आवाजाही आसान करना चाहता था।
उसके बुलावे पर आईएस के एक वरिष्ठ नेता ने भी बर्दवान जिले के मुस्लिम-बहुल सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था। यह जानकारी आशिक ने पूछताछ के दौरान दी है। बता दें कि राजा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया। राजा हुगली जिले के धनियाखाली का रहने वाला है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आशिक को बर्दवान जिले के पानागढ़ इलाके से हिरासत में लिया था। एक पॉलिटेक्निक कॉलेज का यह 19 वर्षीय छात्र पानागढ़ वायुसेना बेस के पास एक निजी मेस में रहता था। वहां उसने अपना नाम राजा दास बताया था।
विश्वस्त सूचना के आधार पर एनआईए ने राज्य खुफिया विभाग की एक टीम के साथ अभियान चलाकर राजा को बीते 25 फरवरी को हिरासत में लिया था। इसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया, जहां उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अब उसे एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
आशिक ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि आईएस से उसके गहरे संबंध हैं। वह खागड़ागढ़ में जेएमबी की तर्ज पर कुछ मदरसों में प्रशिक्षण केंद्र और बम बनाने के केंद्र स्थापित करने का भी प्रयास कर रहा था।
इस सिलसिले में आशिक ने इलाके के कई गैर-पंजीकृत मदरसों का भी दौरा किया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर आशिक की गिरफ्तारी नहीं होती तो राज्य में कोई बड़ा विस्फोट हो सकता था।
पुलिस ने बताया कि आशिक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय था और वहां आईएस से जुड़ी बातों का प्रचार करता था। अब इलाके में आशिक के कुछ नजदीकी सहयोगियों पर भी निगाह रखी जा रही है। आशिक का पिता गुलाम रसूल पेशे से किसान हैं। एनआईए ने उनसे भी पूछताछ की थी। आशिक ने कॉलेज में भी अपना गलत पता लिखाया था।