तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद उनकी प्रोपर्टी को लेकर विवाद हो रहा है। इस विवाद का केंद्र है पोएस गार्डन जिसको तमिलनाडु की सरकार मेमोरियल में बदलना चाहती है लेकिन जयललिता की भतीजी दीपा को इसपर आपत्ति है। दीपा ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार को नोटिस भेज दिया है। जस्टिस के रविचंद्रबाबू ने नोटिस जारी करने के साथ इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर का दिन तय किया है।
दीपा ने याचिका में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 का जिक्र करते हुए कहा है कि प्रोपर्टी पर उनका और उनके भाई दीपक का अधिकार है।
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याचिका में लिखा है कि उनकी दादी संध्या की चेन्नई और उसके आसपास काफी जमीन थी और अपनी मौत के बाद वे सारी जायदाद उनके बेटे जयकुमार और बेटी जयललिता की हो गई थी। दीपा के मुताबिक, इस प्रोपर्टी में पोएस गार्डन भी शामिल था जिसमें जयललिता और उनके भाई जयकुमार (दीपा के पिता) साथ रहते थे।
याचिका में कहा गया है कि दोनों परिवार काफी वक्त तक पोएस गार्डन एक साथ रहे थे। लिखा है कि पांच दिसंबर 2016 को जयललिता की मौत के बाद मैं और मेरा भाई उनकी संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं जिसमें पोएस गार्डन भी शामिल है।