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Jawaharlal Nehru Death Anniversary: पंडित नेहरू की पुण्यतिथि आज, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

Wed, 27 May 2020 02:40 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू की 56वीं पुण्यतिथि आज
  • जलियांवाला बाग हत्याकांड ने नेहरू को झकझोर दिया
  • भारत रत्न से 1955 में सम्मानित किया गया
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पंडित नेहरू की पुण्यतिथि
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विस्तार
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देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की आज 56वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'पुण्यतिथि पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को श्रद्धांजलि।'

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वहीं, राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू जी एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी, आधुनिक भारत के निर्माता और हमारे पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने देश को ऐसे बड़े संस्थान दिए जो वक्त पर हमारे काम आ सके। मैं भारत के इस महान सपूत को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'


इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा, 'आपके विजन ने हमें एक संपन्न लोकतंत्र दिया, आपकी तर्कसंगतता ने हमें विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद की और आपकी सहानुभूति प्रकृति ने हमें सहिष्णुता और भाईचारा सिखाया। भारत आपको धन्यवाद करता है।'
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जलियांवाला बाग हत्याकांड ने नेहरू को झकझोर दिया
यह कहा जाता है कि उनका राजनीतिक जागरण तब हुआ जब उन्हें 1917 में एनी बेसेंट की गिरफ्तारी के बारे में पता चला। वह तब ऑल इंडिया होम रूल लीग में शामिल हो गए। साल 1919 में, जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद - जिसमें कुछ 379 भारतीय मारे गए और 1000 से अधिक घायल हुए- नेहरू ने ब्रिगेडियर-जनरल रेजिनाल्ड डायर के बारे में ट्रेन में सुना। इसने उन्हें और अधिक दृढ़ बना दिया और उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ने की कसम खाई।

भारत रत्न से 1955 में सम्मानित किया गया
जवाहरलाल नेहरू को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों में गिना जाता है। उनका लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद में अटूट विश्वास था। वर्ष 1955 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से पंडित नेहरू को सम्मानित किया गया। उन्होंने देश के नेतृत्व की बागडोर उस समय संभाली, जब देश में भुखमरी, गरीबी और अशिक्षा की स्थिति अपने चरम पर थी।

पंडित नेहरू ने देश के विकास के लिए योजना आयोग का गठन किया
वर्षों की गुलामी के बाद देश को प्रगति के पथ पर लाने के लिए उन्होंने योजना आयोग का गठन किया। पंडित नेहरू की नीतियों की वजह से देश में कृषि और उद्योग के एक नए युग की शुरुआत हुई। उन्हें आधुनिक भारत का रचयिता कहा जाता है। उन्होंने देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को प्रोत्साहित किया। 

गुटनिरपेक्षता के विचार को जन्म दिया
जवाहरलाल नेहरू ने ही संसदीय सरकार की स्थापना और गुटनिरपेक्षता का विचार दिया था। वह 1947 से अपनी मृत्यु तक (1964 तक) भारत के प्रधानमंत्री रहे। राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति, नेहरू ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर में बहुत सम्मान अर्जित किया। 14 नवंबर 1889 को प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) में जन्में पंडित नेहरू का 27 मई, 1964 को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया।  

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