जापान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन को लेकर भारत को करीब 80 प्रतिशत तक सहयोग देने का आश्वासन दिया हैं। बताया जा रहा है कि भारत और जापान के बीच एलिवेटिड बुलेट ट्रेन के कॉरिडोर पर सहमति बन गई है। बुलेट ट्रेन का पहला कॉरिडोर मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनाया जायेगा।
सुत्रों की माने तो पीएम के पसंदीदा प्रोजेक्ट में करीब 1000 करोड़ रुपये का खर्चा हैं। वहीं जापान भी भारत में बुलेट ट्रेन के इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्सुक भी है। भारतीये रेलवे की माने तो इस प्रोजक्ट में जमीन समय से न मिल पाने का कारण देरी हो रही हैं। जापान सरकार पुरे प्रोजेक्ट की लागत का करीब 80 फीसदी लागत खुद लगाने को तैयार हैं।
गौरतलब है कि भारत और जापान के लोन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने के बाद अगले साल से बुलेट ट्रेन को भारत में लाने का रास्ता साफ हो जायेगा। संभव हैं 2017 में दोनों देश के बीच दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होंगे। रेल मंत्री सुरेश प्रभु का कहा है कि अगर दोनों देशों के बीच सभी दस्तावेजों पर सहमति बन जाएगी तो भारत में 2023 तक बुलेट ट्रेन शुरू हो जाएगी।