कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के मामले में पूरा देश एक जुट हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को लगाये गए ‘जनता कर्फ्यू’ के दौरान राजधानी की सड़कें पूरी तरह वीरान नजर आईं। छोटी-बड़ी दुकानों के साथ-साथ मॉल, रेस्टोरेंट बन्द और पार्क सूने नजर आए।
सरकार के निर्देश पर सड़कों पर डीटीसी की बसें बहुत कम संख्या में उतरीं तो प्राइवेट वाहन भी न के बराबर ही चलते दिखाई पड़े। सबसे बड़ी बात यह रही कि ज्यादातर लोगों ने जनता कर्फ्यू को अपने स्तर पर ही अपनाया। हालांकि दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक के जवान जगह-जगह पर मुस्तैद दिखाई पड़े और उन्होंने किसी कारण से सड़क पर आए लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से आगाह किया और खुद को सुरक्षित रखने का तरीका भी बताया।
पूर्वी दिल्ली में ड्यूटी कर रहे दिल्ली पुलिस के जवान नितिन कुमार ने अमर उजाला को बताया कि लोग जनता कर्फ्यू का स्वयं ही पालन कर रहे हैं। बहुत कम लोग ही सड़कों पर आ रहे हैं। ज्यादातर लोग कोरोना के खतरे के प्रति जागरूक हैं और उन्हें इसके बारे में जानकारी है, लेकिन बाहर मिले लोगों से वे बचने की अपील कर रहे हैं। इसमें उन्हें लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। निर्माण विहार चौराहे पर असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सत्येन्द्र कुमार अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर तैनात मिले।
उन्होंने बताया कि जनता सड़कों पर आने से पूरी तरह परहेज कर रही है। वे दूसरों को कोरोना के खतरे के प्रति सचेत करने के साथ-साथ अपने साथियों को भी संक्रमण से बचाने के प्रति पूरी तरह सतर्क हैं। दिल्ली पुलिस के उनके सभी साथियों ने मास्क पहन रखा है। साथ ही उनके पास सैनेटाइजर भी रखा हुआ है जिसका वे बीच-बीच में इस्तेमाल कर रहे हैं।
निजामुद्दीन से सीमापुरी को जाने वाली 396 नंबर की एक बस को चला रहे ड्राइवर ने बताया कि रविवार को उनकी बस में बेहद कम यात्री चढ़े हैं। यात्रा शुरू करने और समाप्ति के बाद वे डिपो में खुद को सैनेटाइजर से सुरक्षित करते हैं। यात्रा के दौरान बीच में खुद को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने मास्क पहन रखा है। इसी बस की कंडक्टर किरण ने भी मास्क पहन रखा है। पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके पास सैनेटाइजर भी है जिसका वे बीच-बीच में इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि इस बस में चढ़ने वाले यात्रियों को सैनेटाइज करने के लिए किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई।
एक डीटीसी बस के यात्री मोहम्मद इरफान ने बताया कि वे ट्रेन की यात्रा कर अब अपने घर को जा रहे हैं। पूरी यात्रा में न के बराबर ही यात्री दिखाई पड़े। यात्रा के दौरान लोग काफी सशंकित लेकिन, कोरोना के प्रति जागरूक दिखाई पड़े। उन्होंने कहा कि वे स्वयं मास्क से खुद को सुरक्षित रखे हुए हैं और सैनेटाइजर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
एक ऑटो ड्राइवर चन्देश्वर ठाकुर ने बताया कि आज उन्होंने और उनके सभी साथियों ने ऑटो न चलाने का फैसला किया है। यही कारण है कि सड़कों पर कोई ऑटो नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जनता कर्फ्यू जैसा कदम बिलकुल उचित है और सभी को इसका साथ देना चाहिए। वे स्वयं भी इस कदम में देश के साथ खड़े हैं।
पार्क सूनसान, दुकानें बंद
जनता कर्फ्यू के दौरान सड़कें ही नहीं पार्क भी पूरी तरह सूनसान नजर आए। लोगों के खुद को अपने-अपने घरों में कैद करके रखा हुआ है। रविवार की छुट्टी के दिन जहां पार्कों में लोगों की भीड़भाड़ ज्यादा ही रहती है, आज कोई भी व्यक्ति दिखाई नहीं पड़ रहा है।