देश के सबसे संवेदनशील राज्य जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय जवानों के शहीद होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पिछले दो वर्षों के मुकाबले शहीदों की संख्या दोगुनी हो गई है। जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष यानी 2016 में अब तक 60 जवान शहीद हो चुके हैं। 2014 में यह आंकड़ा 32 था और 2015 में 33 जवान शहीद हुए थे।
देश की सुरक्षा में लगे जवान मुख्यत: पाकिस्तान के साथ चल रही तनातनी के शिकार बने हैं। सीजफायर का उल्लंघन, घुसपैठ का जवाब, पाक सेना की बॉर्डर एक्शन टीम का नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशन और आतंकवाद से लड़ाई के दौरान भारतीय सेना के जवानों की शहादतें हुई हैं।
रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष 15 दिसंबर तक सेना के 60 जवान शहीद हुए, जिनमें सबसे ज्यादा 23 जवान एलओसी ऑपरेशन में शहीद हुए। वहीं, 2015 में एलओसी ऑपरेशन में 4 जवान और 2014 में 5 जवान शहीद हुए थे।