सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अब जम्मू-कश्मीर में लंबित विवाह से जुड़े मामलों की सुनवाई दूसरे राज्यों में भी हो सकेगी। ये फैसला पांच जजों की एक पीठ ने दिया है।
उन्होंने कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 के अनुसार सभी को हक है कि वह न्याय पा सकें। पीठ ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति दूसरे राज्य में जाकर यात्रा नहीं कर सकता है तो यह भी एक तरह से न्याय पाने से वंचित रहना ही है।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में काफी समय से लंबित चल रहे मामलों से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में आई थीं। इसके बाद कोर्ट ने इन मामलों को 5 जजों की एक सविंधान पीठ को सौंप दिया था।
जस्टिट टीएसठाकुर की अध्यक्षता वाली इस बेंच का कहना है आर्टिकल 136 के तहत मिले अधिकारों के चलते सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर में लंबित मामलों को दूसरे राज्यों में ट्रांसफर कर सकता है।
पांच लोगों की इस बेंच की अध्यक्षता जस्टिस टीएस ठाकुर कर रहे हैं। इनके अलावा इस पीठ में एफएमआई कलाफुल्ला, एके सिकरी, एसए बोब्दे और आर बानुमति हैं।