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बयान पर विवाद: अरशद मदनी ने मोहन भागवत के बयान को बताया निरर्थक; कहा- हम भारतीय हैं, हिंदू नहीं

Mon, 04 Sep 2023 10:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मदनी ने करीब चार साल पहले भागवत के साथ हुई अपनी मुलाकात का हवाला देते हुए दावा किया कि आपसी समझ को बढ़ावा देने और देश में गलतफहमियों को दूर करने के लिए मोहन भागवत से उनकी जो बातचीत हुई थी, आरएसएस अब उस पर कायम नहीं है।
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हम भारतीय हैं, हिंदू नहीं। मदनी ने आरोप लगाया कि संघ देश में शांति, सद्भाव और भाईचारे को लेकर अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हट गया है। इससे पहले, मोहन भागवत ने कहा था कि हिंदुस्तान (भारत) एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है और सभी भारतीय हिंदू हैं और यह एक सच्चाई है। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू सभी भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं। 

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान को निरर्थक करार देते हुए मदनी ने कहा कि हम भारतीय हैं, हिंदू नहीं। जमीयत की ओर से जारी बयान मुताबिक, मदनी ने संवाददाताओं से बातचीत में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) का समर्थन भी किया। साथ ही कहा कि देश में नफरत का माहौल खत्म करने के लिए राजनीतिक बदलाव जरूरी है। 

इस दौरान मदनी ने करीब चार साल पहले भागवत के साथ हुई अपनी मुलाकात का हवाला देते हुए दावा किया कि आपसी समझ को बढ़ावा देने और देश में गलतफहमियों को दूर करने के लिए मोहन भागवत से उनकी जो बातचीत हुई थी, आरएसएस अब उस पर कायम नहीं है।
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हमारी विचारधारा का कोई विकल्प नहीं
गौरतलब है कि भागवत ने पिछले दिनों कहा था कि भारत एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है और सभी भारतीय हिंदू हैं तथा हिंदू सभी भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने लोगों की अपेक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि संघ को इस सबके बारे में सोचना चाहिए। भागवत ने कहा था कि ‘हमारी विचारधारा’ की दुनियाभर में बहुत मांग है। उन्होंने कहा कि वास्तव में इस विचारधारा का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, हर कोई इसे समझ गया है। कुछ इसे स्वीकार करते हैं, कुछ नहीं।

'इंडिया' के बजाय 'भारत' का उपयोग किया जाना चाहिए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बीते शुक्रवार को कहा था कि हमारे देश का नाम भारत है। इंडिया की जगह भारत का उपयोग किया जाना चाहिए। हमारे देश का नाम सदियों से भारत रहा है। भाषा कोई भी हो, नाम एक ही रहता है। उन्होंने कहा, हमारा देश भारत है। हमें 'इंडिया' शब्द का उपयोग बंद करना होगा। भागवत ने कहा, आज दुनिया को हमारी जरूरत है। हमारे बिना, दुनिया नहीं चल सकती। हमने योग के माध्यम से दुनिया को जोड़ा है।

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