जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की कुलपति नजमा अख्तर ने शुक्रवार को छात्रों के नाम एक पत्र लिखकर कहा कि वे भी एक मां हैं और छात्रों के साथ हुई ज्यादती का दर्द स्वयं महसूस करती हैं। उन्होंने इस घड़ी में छात्रों और उनके परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है। उन्होंने घायल छात्रों से स्वयं बात की और परिवारजनों को उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस ने बिना इजाजत प्रवेश किया था और इसके बारे में पुलिस और मंत्रालय में शिकायत दर्ज करा दी गई है और इस पर न्याय होगा।
पिछले रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के आसपास के क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के विरोध में प्रदर्शन आयोजित हुआ था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की थी और कई डीटीसी बसों को आग के हवाले कर दिया था। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के प्रयास में पुलिस जामिया लाइब्रेरी में घुस गई थी। इस हिंसा में जामिया के कई छात्रों को गंभीर चोटें आई थीं, जिसका राष्ट्रीय स्तर पर विरोध हुआ था।