जालना नगर निगम के इंजीनियर अशोक कटारे और सफाई निरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सचिन धवले को सस्पेंड कर दिया गया है। कांग्रेस नेता की आरटीआई शिकायत के बाद कार्रवाई हुई है।
जालना नगर निगम के दो कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। नगर निकाय के वाहन विभाग के कामकाज में कथित लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप में कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। इसमें एक इंजीनियर भी शामिल है। अधिकारी ने बताया कि वाहन विभाग के प्रमुख और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अशोक कटारे के साथ-साथ सफाई निरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी सचिन धवले के सस्पेंशन के आदेश नगर आयुक्त अंजलि शर्मा ने जारी किया। सहायक आयुक्त विजय फुलंब्रीकर ने इसकी पुष्टि की।
क्या है आरोप?
आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया बेकार हो चुकी गाड़ियों की नीलामी में देरी, कचरा उठाने वाली गाड़ियों की मरम्मत और रखरखाव और कचरा उठाने वाली छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद और टेंडरिंग में कई कमियां पाई गई। आदेश में आगे कहा गया है कि डीजल बिल, ईंधन की खपत के रिकॉर्ड और गाड़ियों की लॉगबुक में भी गड़बड़ियां पाई गईं, जबकि कई महत्वपूर्ण बिल, फाइलें और प्रस्ताव कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को आखिरी समय में या देरी से सौंपे गए थे।
अधिकारी ने क्या कहा?
खबरों के अनुसार, कटारे ने कुछ कामों में देरी के लिए राजनीतिक दबाव का हवाला दिया था। आदेश में कहा गया है कि विभागीय जांच के दौरान इस दावे की सच्चाई और पृष्ठभूमि, सहायक रिकॉर्ड और प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया पर इसके असर की जांच की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि इन कथित अनियमितताओं की जांच जालना शहर कांग्रेस के महासचिव वसीम खान पठान की शिकायत पर की गई, जिन्होंने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत विभाग के कामकाज के बारे में जानकारी मांगी थी।