जल्लीकट्टू के आयोजन पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए युवाओं के एक समूह ने शुक्रवार को सांडों को काबू में करने के इस खेल का आयोजन किया। उधर, तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए अध्यादेश लाने की मांग के बीच पशुओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली संस्था पेटा ने राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संस्था ने जल्लीकट्टू के आयोजन पर रोक लगाने की मांग की है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि करीसलकुलम गांव के खुले मैदान में कुछ मिनट के लिए इस खेल का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में करीब पांच सांडों के साथ मैदान में इस खेल का आयोजन किया गया।
पुलिस ने साथ ही बताया कि अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि आयोजकों के ‘मंजू विराट्टू’ (सांड को काबू में करने के एक अन्य खेल) से जुड़ी तैयारी करने को लेकर पुलिस और उनके बीच जोरदार बहस हुई, इस वजह से गांव में तनाव व्याप्त है।