कांग्रेस नेता शशि थरूर विदेश मंत्री एस जयशंकर को शांत रहने की टिप्पणी देकर फंस गए हैं। शनिवार को उन्होंने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा, 'लंदन में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय ध्वज को उतारने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जो भी प्रतिक्रिया दी थी, उसे लेकर मेरा उनसे कोई मतभेद नहीं है।' इतना ही नहीं, थरूर ने जयशंकर को अपना मित्र और योग्य विदेश मंत्री भी बताया।
शशि थरूर ने दी थी सलाह
अब बयान पर दे रहे सफाई
थरूर ने शुक्रवार को अपनी सलाह पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि मेरे बयानों को गलत समझा गया। उन्होंने ट्वीट किया कि मुझे मेरे कुछ दोस्तों ने आम तौर पर होने वाले ट्रोलिंग से जुड़े संदेश भेजे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि मैंने विदेश मंत्री को उनकी खालिस्तानियों पर दी गई टिप्पणी को लेकर शांत रहने को कहा था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि जब लंदन में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय ध्वज को उतारे जाने की घटना हुई तो मैंने खुद विदेश मंत्रालय से नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि इस घटना पर गुस्सा होना ही सबसे सही प्रतिक्रिया थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने जयशंकर की बेंगलुरु में पश्चिम के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा के लिए की गई टिप्पणियों पर अपनी बात कही थी, जिन्हें अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा उठाया गया और विदेशों में गलत तरीके से दिखाया गया। थरूर ने कहा कि मैंने उनकी इस टिप्पणी पर उनसे संयम बरतने का आग्रह किया था।
थरूर ने आगे कहा कि हम बिना किसी उकसावे के किसी की आंख में धूल नहीं झोंकते हैं। विदेशों की आंखों में धूल झोंकना हमारी शैली नहीं है। उन्होंने कहा कि झंडा फहराने की घटना एक उकसावे की घटना थी और भारत की प्रतिक्रिया उचित थी। इस पर विदेश मंत्री से मेरा कोई मतभेद नहीं है। मैं उन्हें एक मित्र और एक कुशल एवं योग्य विदेश मंत्री मानता हूं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी विदेश नीति को द्विपक्षीय रखें। उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय हैं और जो कुछ भी मायने रखता है वह हमारा राष्ट्रीय हित होना चाहिए।