विधानसभा के एक अधिकारी ने कहा कि पार्थ चटर्जी अभी भी विधायक हैं और विधानसभा की व्यापार सलाहकार समिति के सदस्य हैं। इसलिए, भले ही वह जेल में हैं, नियमों के अनुसार उनके घर के पते पर एक पत्र भेजा जाएगा।
शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में ईडी की गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) को पश्चिम बंगाल विधानसभा की व्यापार सलाहकार समिति में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। माना जा रहा है कि ऐसा जान-बूझकर किया जा रहा है ताकि उन्हें जमानत में मदद मिल सके। राज्य विधानसभा की व्यापार सलाहकार समिति (Business Advisory Committee) की बैठक में शामिल होने का आमंत्रण पार्थ चटर्जी को विधानसभा सचिवालय की ओर से भेजा जाएगा। विधानसभा का विस्तारित मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होगा और इसके 22 सितंबर तक चलने की संभावना है।
विज्ञापन
विधानसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली बैठक में व्यापार सलाहकार समिति के सभी सदस्यों के उपस्थित रहने का अनुरोध करते हुए आमंत्रण पत्र जल्द ही भेजे जाएंगे। विधानसभा के एक अधिकारी ने कहा, "पार्थ चटर्जी अभी भी विधायक हैं और विधानसभा की व्यापार सलाहकार समिति के सदस्य हैं। इसलिए, भले ही वह जेल में हैं, नियमों के अनुसार उनके घर के पते पर एक पत्र भेजा जाएगा।" उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि वह नहीं आएंगे, लेकिन एक आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा।"
विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पार्थ चटर्जी को इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र भेजा जाएगा। अल्पकालीन सत्र से दो दिन पहले यह बैठक 12 सितंबर को होनी है जिस दिन पार्थ चटर्जी जेल में ही रहेंगे क्योंकि वह फिलहाल 14 सितंबर तक जेल में हैं।
बता दें कि निलंबित टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी को 23 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें मंत्री के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया था और 28 जुलाई को पार्टी ने सभी पदों से हटा दिया था। हालांकि पिछले महीने विधानसभा की कई समितियों से हटाए गए निलंबित नेता व्यापार सलाहकार समिति के सदस्य बने हुए हैं।
विज्ञापन
चटर्जी 2006 में इस पैनल के सदस्य बने थे, जब वे टीएमसी विधायक दल के नेता और बाद में विपक्ष के नेता बने थे। 2011 में टीएमसी के सत्ता में आने के बाद उन्हें राज्य संसदीय मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया और व्यापार सलाहकार समिति समिति के सदस्य बने रहे।