फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prajwal Revanna: सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना जेल में बने लाइब्रेरी क्लर्क, हर दिन मिलेंगे ₹522

Sun, 07 Sep 2025 02:43 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बंगलूरू की परप्पना अग्रहारा जेल में लाइब्रेरी क्लर्क की जिम्मेदारी दी गई है। उनका काम कैदियों को किताबें देना और रिकॉर्ड संभालना है। प्रज्वल को रोजाना 522 रुपये की मजदूरी दी जाएगी, जो काम पूरा करने पर मिलेगी।

विज्ञापन
जेल में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स / एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बंगलूरू की परप्पना अग्रहारा जेल में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेवन्ना को जेल में लाइब्रेरी क्लर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, उनका काम अन्य कैदियों को किताबें जारी करना और उधार ली गई किताबों का रिकॉर्ड रखना है। नियमों के अनुसार, उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों को कुछ न कुछ काम करना होता है, जो उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार दिया जाता है।

विज्ञापन


कितनी होगी प्रज्वल की तनख्वाह?
बता दें कि प्रज्वल को हर दिन के काम के लिए 522 रुपये दिए जाएंगे, बशर्ते वे तय जिम्मेदारियां पूरी करें। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में रुचि दिखाई थी, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें लाइब्रेरी में तैनात करने का फैसला किया।

ये भी पढ़ें:- Congress: 'क्या वोट चोरी के आरोपियों को बचा रहा ECI?' कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही अधिकारियों ने आगे बताया कि उन्होंने यह काम एक दिन कर भी लिया है। आमतौर पर कैदियों को महीने में कम से कम 12 दिन, यानी हफ्ते में तीन दिन काम करना होता है। हालांकि, प्रज्वल रेवन्ना की कोर्ट में पेशियों और वकीलों से मुलाकात के चलते फिलहाल उनका काम का शेड्यूल सीमित है।

गौरतलब है कि प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और जेडीएस नेता व होलेनरसीपुरा से विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। हाल ही में एक रेप मामले में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

ये भी पढ़ें:- Pavagadh Ropeway Tragedy: बेटे की आखिरी फोन कॉल याद कर बिलख उठीं मां; रोपवे हादसे के जांच में जुटी एफएसएल टीम

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें