ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सरकार जगन्नाथ पुरी धाम के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए हेरिटेज कॉरिडोर विकसित करने पर खास जोर दे रही है। परियोजना पर सीएम पटनायक के करीबी वीके पांडियन की करीबी नजर है। हर साल लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की पुरी यात्रा को देखते हुए सरकार जगन्नाथ पुरी मंदिर में प्रभावी कतार प्रबंधन पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शनिवार को पुरी दौरे पर पहुंचे पांडियन ने तमाम इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना में प्रगति की समीक्षा भी की।
ओडिशा में 5टी पहल की कमान पांडियन के हाथ
दरअसल, पुरी में 17 जनवरी को श्री जगन्नाथ मंदिर हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन होना है। इससे पहले पांडियन ने शनिवार को तीर्थयात्रियों के रूकने वाले क्षेत्र (Holding Area), मंदिर में कतार प्रबंधन और आस्था के बड़े केंद्र- पुरी में यातायात नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा भी की। सीएम नवीन पटनायक की महत्वाकांक्षी- 5टी पहल (Transformational Initiatives) की कमान पांडियन के हाथ है।
पार्किंग, पेंटिंग और कचरा प्रबंधन पर भी फोकस
ओडिशा सरकार 'नबीन' (New) ओडिशा के तहत भी विकास परियोजनाएं चला रही है। पांडियन इसके अध्यक्ष हैं। उन्होंने 12वीं शताब्दी के मंदिर- जगन्नाथपुरी के आसपास हेरिटेज कॉरिडोर के तहत विकसित हो रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक पांडियन ने भूनिर्माण कार्यों, मठ (monastery) के जीर्णोद्धार, कतार प्रबंधन प्रणाली, दोपहिया पार्किंग क्षेत्रों, कचरा निपटान व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर के सामने वाले हिस्से की पेंटिंग (Facade Painting) की प्रगति का निरीक्षण भी किया।
सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश
उन्होंने सभी काम समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया। पांडियन ने 'श्री डांडा', 'श्री जगन्नाथ बल्लव विहार' और 'श्री सेतु' का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग और सुरक्षा उपायों के संबंध में पुरी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), ओडिशा ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (ओबीसीसी) के प्रबंध निदेशक को विशेष ध्यान देने को कहा।
पांडियन और बीजद के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश
परियोजना की प्रगति के संबंध में चर्चा के लिए पुरी पहुंचे पांडियन को विपक्षी राजनीतिक दल की तरफ से विरोध भी झेलना पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को पांडियन की पुरी यात्रा के विरोध में उन्हें काले झंडे दिखाए। जब पांडियन पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) कार्यालय के सामने पहुंचे, इसी समय विरोध किया गया।