आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने अपने बयान से राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने सोमवार को दावा किया कि उनके भाई और राज्य के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी वाईएस राजशेखर रेड्डी के उत्तराधिकारी नहीं हैं।
अपने भाई पर साधा निशाना
बता दें कि वाईएस शर्मिला पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की बेटी और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो जगन मोहन रेड्डी की बहन हैं। उन्होंने अपने भाई पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता और उनके भाई के काम करने के तरीके में कोई भी समानता नहीं है। उन्होंने दावा कि कि उनके भाई जगन बिल्कुल भी वाईएसआर के उत्तराधिकारी नहीं हैं। दरअसल शर्मिला कडप्पा जिले के मायदुकुरु में एक चुनाव अभियान शामिल हुईं थीं। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआर और जगन के शासन में बहुत ज्यादा फर्क है।
अविनाश रेड्डी को बचाया जा रहा है- शर्मिला
शर्मिला ने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी सरकार उनके चाचा वाईएस विवेकानंद रेड्डी के हत्यारों को बचा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में वाईएस अविनाश रेड्डी को बचाया जा रहा है। बता दें कि विवेकानंद रेड्डी कडप्पा के पूर्व सांसद और राजशेखर रेड्डी के छोटे भाई हैं। 15 मार्च, 2019 को चुनाव से पहले उनकी हत्या कर दी गई थी। यह मामला अभी भी अनसुलझा है।
कडप्पा लोकसभा सीट से चचेरे भाई के खिलाफ ठोकी ताल
इस बार लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कडप्पा से शर्मिला को उम्मीदवार घोषित किया है। इस सीट पर वाईएसआरसीपी ने उनके चचेरे भाई अविनाश रेड्डी को मैदान में उतारा है। शर्मिला का कहना है कि अविनाश रेड्डी को संसद में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और इसलिए वो उसी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं।
जगन रेड्डी ने किसानों को धोखा दिया- शर्मिला
वाईएस शर्मिला ने कहा कि वाईएसआरसीपी सरकार की वजह से किसानों को काफी नुकसान हुआ है और जगन मोहन रेड्डी ने उन्हें धोखा दिया है। उन्होंने दावा कि उनके पिता के शासन काल में किसान बहद खुश थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी ने शराबबंदी का वादा किया था लेकिन वाईएसआरसीपी सरकार अत्यधिक कीमतों पर शराब की बिक्री कर रही है और इस मामले में किसी की कोई जवाबदेही भी नहीं है।
बता दें कि आंध्र प्रदेश में 13 मई को लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी होंगे और वोटों की गिनती 4 जून को होगी।